
विशाल झा /गाजियाबाद : यूपी के गाजियाबाद नगर निगम के पार्षद और महापौर अपनी शपथ ले चुके हैं. अब सदन उनका इंतजार कर रहा है. आपको बता दें कि गाजियाबाद नगर निगम की पहली बोर्ड बैठक जून में होगी. ऐसे में नवनिर्वाचित पार्षदों द्वारा सबसे पहले उठाए जाने वाले मुद्दों की चर्चाएं शहर में तेज हो गई हैं.
सूत्रों के अनुसार, इस बार गाजियाबाद नगर निगम की सदन में इंदिरापुरम हैंड ओवर का मामला हॉट टॉपिक बन सकता है. फिलहाल इंदिरापुरम टाउनशिप गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के अंतर्गत है. दरअसल इंदिरापुरम हैंड ओवर की प्रक्रिया वर्षों से चल रही है. पिछले वर्ष नगर निगम और जीडीए की संयुक्त समिति ने इंदिरापुरम टाउनशिप का निरीक्षण कर सुविधाओं को जाना था. इसके लिए 288.54 करोड़ का बजट बनाया गया था, जो जीडीए को नगर निगम को देने थे. जीडीए का कहना था कि 100 करोड रुपये के साथ हैंड ओवर नगर निगम को दे दिया जाए, लेकिन गाजियाबाद नगर निगम ने आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण इंदिरापुरम हैंड ओवर करने से इंकार कर दिया था.
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का काम नहीं
गाजियाबाद नगर निगम के पार्षद संजय सिंह ने कहा कि इंदिरापुरम अपने हैंडोवर में नगर निगम को ले लेना चाहिए. नगर निगम ही वार्ड स्तर पर बेहतर व्यवस्थाएं बनाता है. यह काम गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का काम नहीं है. निवासियों की समस्याओं पर नगर निगम ज्यादा अच्छा काम कर सकता है.
इंदिरापुरम से करोड़ों का टैक्स भी वसूला जाता
दरअसल इंदिरापुरम को सोसाइटियों का हब भी कहा जाता है. यहां आसमान को छूती कई सारी इमारतें है. ऐसे में इंदिरापुरम से करोड़ों का टैक्स भी वसूला जाता है, लेकिन फिर भी निवासियों को सफाई व्यवस्था ठीक नहीं मिलती. ऐसे में इंदिरापुरम निवासी और पार्षद गण दोनों ही पुरजोर तरीके से इंदिरापुरम हैंड ओवर के मामले को रख रहे हैं.
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FIRST PUBLISHED : May 31, 2023, 09:54 IST









