How to Reduce Burden of EMI: घर, जमीन, गाड़ी खरीदने या फिर कई अन्य वजहों से हम लोन लेते हैं. लोन जितना बड़ा होगा ईएमआई भी उतनी ही अधिक होगी. कई बार इस EMI के चलते लोगों का मासिक बजट बिगड़ जाता है. ऐसे में वह किसी तरह ईएमआई का बोझ करने के लिए विकल्प तलाशते हैं. ऐसा करना संभव है और इसके लिए कई रास्ते भी है. आइए जानते हैं कैसे.
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ब्याज दर की तुलना: अगर आप लोन की ईएमआई की कम रखना चाहते हैं तो सबसे पहला काम तो आपको यही करना है कि अलग-अलग बैंकों और वित्तीय संस्थानों की ब्याज दरें देखें. संभव है कि आपका रेग्युलर बैंक आपको महंगा लोन दे रहा हो और वही लोन आपको कहीं और से सस्ता मिल जाए. (Canva)
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लंबी अवधि का रीपेमेंट- इस तरीके से लोन चुकाने पर ओवरऑल लोन की कॉस्ट ज्यादा हो सकती है. लेकिन आप पर हर महीने ईएमआई का भारी बोझ नहीं होगा. लंबी रीपेमेंट अवधि के कारण ईएमआई कम बनेगी. (Canva)
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क्रेडिट स्कोर- सस्ता लोन पाने के कुछ सबसे बेहतरीन तरीकों में से एक है अच्छा क्रेडिट स्कोर. 750 से ऊपर का क्रेडिट स्कोर अच्छा माना जाता है. यह दिखाता है कि आप समय से अपने पिछले बकायों का भुगतान कर चुके हैं. बैंक का आप पर भरोसा बनता है और वह कम ब्याज दर पर आपका लोन अप्रूव कर देता है. (Canva)
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लोन रीफाइनेंस करना- इसका मतलब है कि आप किसी और देनदार से नया लोन लेकर पुराने की भरपाई कर रहे हैं. हालांकि, आपको ऐसा तभी करना चाहिए जब आपको दोनों लोन के बीच 50 से 100 बेसिस पॉइंट यानी 0.50 से 1 फीसदी का फायदा पहुंचे. (Canva)
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प्रीपेमेंट- अगर आपके पास समय-समय पर कुछ एकमुश्त पैसा एकत्रित हो जाता है तो उससे लोन की प्रीपेमेंट कर दें. अगर आप हर साल लोन के बैलेंस का 5 फीसदी प्रीपेमेंट करते हैं तो 20 साल का लोन 12 साल में ही खत्म किया जा सकता है. (Canva)
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ओवरड्राफ्ट की सुविधा- ये थोड़ा बहुत प्रीपेमेंट की तरह ही होता है. कई बैंक होम लोन पर ओवरड्राफ्ट की सुविधा देते हैं. इसमें आपको एक खाता दिया जाता है जिसमें आप अपनी मंथली ईएमआई के ऊपर से पैसे जमा करते हैं. इसे होम लोन प्रीपेमेंट की तरह देखा जाता है. हालांकि, आप जरूरत पड़ने पर इसमें से पैसा निकाल भी सकते हैं. (Canva)









