पिता थे टीचर, मां ने 4 साल से ही दी थी एक्टिंग की तालीम, फिर बड़े होकर बन गए अभिनय की पाठशाला, सुपरस्टार है बेटा

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मुंबई. साल था 1942 का और फिल्म रिलीज हुई ‘गांधी’. हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जिंदगी पर बनी इस फिल्म के डायरेक्टर Richard Attenborough थे. बेन किंग्सले (Ben Kingsley) ने गांधी के किरदार को निभाया था. फिल्म ने ऑस्कर जीतकर पूरी दुनिया में नाम कमाया था.

बेन किंग्सले का एक्सेंट अमेरिकी था तो उनके डायलॉग हिंदी एक्सेंट के साथ डब कराए गए. फिल्म में गांधी के सेकेंड असिस्टेंट ‘प्यारेलाल’ का किरदार निभा रहा एक 22 साल के लड़के की एक्टिंग पर डायरेक्टर फिदा हो गए थे. इस रोल के साथ डायरेक्टर ने उस यंग एक्टर के कंधों पर गांधी के डायलॉग्स के डबिंग की जिम्मेदारी डाल दी. उस यंग एक्टर ने भी कमाल कर दिया और इस फिल्म के साथ एक्टिंग की दुनिया में बरगद का विशाल बृक्ष का बीज पड़ गया.

मां ने बचपन से ही दी थी ट्रेनिंग

ये लड़का कोई और नहीं बल्कि पंकज कपूर थे. पंकज कपूर आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं. आज ही के दिन 1954 में पंजाब के लुधियाना में जन्मे पंकज कपूर महज 4 साल की उम्र से ही एक्टिंग की ट्रेनिंग लेते रहे. पंकज के पिता प्रॉफेसर थे और अपने समय के गोल्डमेडलिस्ट रहे थे. पंकज की मां ने उन्हें बचपन से ही छोटे एक्ट की तालीम दी थी. स्कूलिंग पूरी करने के बाद पंकज कपूर ने एक्टिंग की दुनिया में जाने का मन बनाया और पिता से इस बारे में सलाह मांगी.

पंकज के पिता ने उन्हें कहा, ‘अगर तुम एक्टिंग करना ही चाहते हो तो फिर इसकी सलीके से पढ़ाई करो और बारीकियां समझो.’ पिता की इस बात के बाद पंकज कपूर ने एफटीआईआई में दाखिला लेने के लिए इम्तिहान दिया लेकिन उनकी किस्मत काम नहीं आई. 19 साल के पंकज कपूर को तब कहां पता था कि उनकी किस्मत में भगवान ने घर की जगह महल लिखा है. FTII से रिजेक्ट होने के बाद मायूस पंकज को नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एडमिशन मिल गया. पंकज कपूर ने यहां अपनी एक्टिंग को धार दी और कई कलाओं में महारथ हासिल किया. 1976 में 22 साल के पंकज कॉलेज से डिप्लोमा लेकर मुंबई आ गए.

गांधी फिल्म के बाद बदल गई किस्मत

यहां उन्हें गांधी फिल्म में काम करने का मौका मिला. इसके बाद उन्हें श्याम बेनेगल ने फिल्म आरोहण दिला दी. पंकज को फिल्मों में काम तो मिलने लगा लेकिन अभी भी उनकी एक्टिंग की भूख नहीं मिट रही थी. 80 का दशक शुरू हो गया था और टीवी की दुनिया फल-फूलने लगी थी. पंकज कपूर को भी टीवी से ऑफर आने लगे. लेकिन टीवी से पंकज काफी दिनों तक किनारा करते रहे और आखिरकार आर्थिक तंगी ने उन्हें टीवी की तरफ मोड़ दिया.

टीवी ने ही दी करियर को उड़ान

इसके बाद यही उनकी जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट बन गया. यहां पंकज कपूर ने करमचंद जैसे कई शानदार सीरियल्स में काम किया और अपनी बेहतरीन एक्टिंग के कई नमूने पेश किए. इसके बाद पंकज की रफ्तार ऐसी निकली कि आज उन्हें एक्टिंग की स्कूल कहा जाता है. पंकज कपूर के बेटे शाहिद कपूर और बेटी सना कपूर भी एक्टिंग की दुनिया में सक्रिय हैं. पंकज कपूर हाल ही में अपने बेटे शाहिद कपूर के साथ फिल्म जर्सी में नजर आए थे. आज पंकज कपूर के जन्मदिन पर पूरी इंडस्ट्री के लोगों ने उन्हें बधाई दी है.

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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