हाइलाइट्स
इलाहाबाद म्यूजियम की नेहरू गैलरी का ‘गोल्डन स्टिक’ यानी राजदंड अब नए संसद भवन की शोभा बढ़ाएगा
सेंगोल को अंग्रेजों ने आजादी की निशानी के तौर पर पंडित जवाहरलाल नेहरू को सौंपा था
प्रयागराज. इलाहाबाद म्यूजियम की नेहरू गैलरी में ‘गोल्डन स्टिक’ के नाम से प्रदर्शित सेंगोल यानि राजदंड भी इन नगीनों में से एक था, जो अब नए संसद भवन की शान बनेगा. संसद भवन में रखने के लिए इसे नवंबर 2022 में ही नेशनल म्यूजियम से इलाहाबाद म्यूजियम दिल्ली भेजा जा चुका है. गोल्डन स्टिक को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1954 में इलाहाबाद म्यूजियम को सौंपा था, जिसे उन्होंने देश की आजादी के समारोह में अंग्रेजों से हासिल किया था. इलाहाबाद आजादी की लड़ाई का महत्वपूर्ण केंद्र होने के कारण पंडित नेहरू ने इसे म्यूजियम को सौंपा था.
इलाहाबाद म्यूजियम का शिलान्यास देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1947 में किया था. शिलान्यास के मौके पर उन्होंने म्यूजियम को कई बहुमूल्य चीजें देने का वादा भी किया था. 1954 में जब म्यूजियम बनकर तैयार हुआ तो वह खुद इसका उद्घाटन करने आए. उद्घाटन के मौके पर ही उन्होंने अपने वादे के मुताबिक ‘गोल्डन स्टिक’ समेत कई बहुमूल्य उपहार और वस्तुएं म्यूजियम को सौंपे. उनके द्वारा सौंपी गई वस्तुओं को संग्रहालय की नेहरू गैलरी में प्रदर्शित किया गया. तबसे ‘गोल्डन स्टिक’ नेहरू गैलरी और म्यूजियम की पहचान थी. हालांकि इसकी समृद्ध परंपरा की जानकारी कम लोगों को ही थी. सेंगोल भारत के स्वतंत्रता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक प्रतीक है. जब अंग्रेजों ने भारत की आजादी का ऐलान किया था तो सत्ता स्थानांतरण के प्रतीक के तौर पर सेंगोल देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को सौंपा गया था. लॉर्ड माउंटबेटन ने 1947 में इसे पंडित जवाहरलाल नेहरू को सौंपा था.
देश के गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब इस बात की जानकारी दी कि इलाहाबाद म्यूजियम में वर्षों तक रहे सेंगोल यानि राजदंड को नई संसद में स्थापित किया जाएगा, तब यह चर्चा में आया. संग्रहालय के असिस्टेंट क्यूरेटर डॉ वामन वानखेड़े ने बताया कि सेंगोल यानि राजदंड को गोल्डन स्टिक के नाम से प्रदर्शित किया गया था. संसद के नए भवन में स्थापित किए जाने के निर्णय के बाद 4 नवंबर 2022 को नेशनल म्यूजियम ने इसे इलाहाबाद म्यूजियम से मंगा लिया था. 162 सेंटीमीटर लंबी इस स्टिक को 1954 से ही गैलरी में प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया था. ब्रास शीट पर गोल्डन पॉलिश वाली स्टिक पर इंडियन इंडिपेंडेंस फेस्टिवल में देश के पहले प्रधानमंत्री को इसे दिए जाने की बात तमिल भाषा में लिखी हुई है.
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Tags: Allahabad news, Parliament news, UP latest news
FIRST PUBLISHED : May 25, 2023, 06:37 IST









