
मनमोहन सेजू/ बाड़मेर. कहते है कि एक पिता के लिए उसके बेटे की सफलता से बढ़कर कोई सपना नहीं होता है. ऐसा ही एक सपना भारत-पाकिस्तान की सीमा पर बसे बाड़मेर के आडेल के विकास अधिकारी नरसिंह दास ने ना केवल देखा बल्कि उसको पूरा करने के लिए खुद भी जी जान से जुटे रहे. 2 साल की बेटे की मेहनत और पिता का समर्पण भाव सफल रहा और उनके बेटे चंद्रप्रकाश ने देश की सबसे बड़ी UPSC परीक्षा को क्रेक किया है.
बाड़मेर शहर के शास्त्री नगर निवासी चंद्र प्रकाश ने भारतीय प्रशासनिक सेवा का अधिकारी बनकर पिता का सीना गर्व से ऊंचा कर दिया है. विकास अधिकारी नरसिंग दास को बधाइयां देने आने वालों का तांता लगा नजर आया. लोगों की बधाइयां स्वीकार करने के साथ लोगों को अपने बच्चों को कड़ी मेहनत करने की बात कहने से भी पीछे नहीं हटते नजर आए. वह बताते है कि उनके बेटे ने यूपीएससी अंग्रेजी माध्यम से दी थी और अंग्रेजी का मुझे इतना ज्ञान नहीं है लेकिन वह चंद्रप्रकाश की किताबों के पेज जरूर गिना करते थे जिससे पता चलता कि बेटा रात में कितना पढ़ा था.
वह बताते है कि दिन भर की नौकरी के बाद दिन में एक घण्टा वह चंद्रप्रकाश के साथ ताजा घटनाओं और योजनाओं को लेकर चर्चा जरूर किया करते थे. बेटे के पहले अटेम्ट में असफलता पर उन्होंने दूसरे प्रयास में दुगनी क्षमता से जुटने की प्रेरणा दी. जिसकी बदौलत आज वह देश की सबसे कठिन परीक्षा पास कर पाया है. चंद्रप्रकाश ने UPSC देश मे 562वीं रैंक हासिल की है.
यूपीएससी क्रैक करने वाले चंद्रप्रकाश के पिता नरसिंग दास बताते है कि एक बार मॉडर्न स्कूल में वार्षिकोत्सव के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में आए तत्कालीन बाड़मेर जिला कलेक्टर रवि जैन के बारे में पूछा गया कि कलेक्टर क्या होता है और प्रशासनिक सेवा लगातार दो दिन तक चंद्रप्रकाश ने अपने पिता से इसके बारे में पूछा और फिर भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने का ठान लिया. वह बताते है कि जिस दसवीं के छात्र को कलेक्टर के बारे में जानकारी नहीं थी वहीं बेटा आज आईएएस की परीक्षा को पास किया है.
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FIRST PUBLISHED : May 24, 2023, 21:46 IST









