कभी भारत पर राज करने वाली कंपनी अब क्या करती है क्या, एक भारतवंशी है आज इसका मालिक, कैसे हुआ ये सौदा

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हाइलाइट्स

ईस्ट इंडिया कंपनी अब लग्जरी टी व कॉफी बेचती है.
इसके अलावा भी कंपनी कई अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री करती है.
नई ईस्ट इंडिया कंपनी का पहला स्टोर लंदन में खुला था.

East India Company: ईस्ट कंपनी का इतिहास 400 साल से भी अधिक पुराना है. इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ के एक रॉयल चार्टर के जरिए कंपनी की स्थापना 1600 में  हुई थी. 1607 में कंपनी का एक जहाज हैक्टर 16000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा कर भारत पहुंचा था. यह पहला इंग्लिश जहाज था जो सीधे इंग्लैंड से भारत पहुंचा था. 1690 में कंपनी की पहली फैक्ट्री कोलकाता में लगाई गई. इसके बाद कंपनी ने यहां अपनी सैन्य ताकत बढ़ाना शुरू कर दिया और एक कुछ समय के अंदर ही यहां राज करने लगी.

हालांकि, 1857 की क्रांति के बाद कंपनी की पावर को ब्रिटिश क्राउन को ट्रांसफर कर दिया गया. 1874 में कंपनी को खत्म कर दिया गया और इंग्लैंड की महारानी विक्टोरिया का भारत पर शासन शुरू हो गया. इसके करीब 131 सालों बाद एक बार फिर कंपनी का जन्म हुआ. इस बार मुंबई में जन्में एक व्यावसायी संजीव मेहता ने ईस्ट इंडिया कंपनी को खरीद लिया. उन्होंने इसे खरीदते हुए कहा कि ईस्ट इंडिया कंपनी ने दुनिया का स्वाद, सोच और लोगों को बदल दिया था. बकौल मेहता, “अगर ईस्ट इंडिया कंपनी नहीं होती तो आज दुनिया वैसी नहीं होती जैसी है.”

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अब क्या करती है कंपनी
2005 में कंपनी का अधिग्रहण करने के बाद संजीव मेहता ने लग्जरी चाय, कॉफी और फूड आइटम्स पर ध्यान केंद्रित किया. कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कंपनी चाय, जिन, कॉफी, चॉकलेट, बिस्किट व लग्जरी गिफ्ट हैंपर तैयार करती है. इसके अलावा लग्जरी होमवेयर व अन्य तरह के पेय पदार्थ भी कंपनी बनाती है. कंपनी ऐतिहासिक सिक्के भी छापती और बेचती है. इसके रिवाइवल के बाद 2010 में ईस्ट इंडिया कंपनी का पहला स्टोर लंदन के पॉश इलाके मेफेयर में खोला गया था. संजीव मेहता कहते हैं कि पुरानी ईस्ट इंडिया कंपनी आक्रामता के बल पर खड़ी हुई थी लेकिन ये ईस्ट इंडिया कंपनी सद्भावना और दयाभाव पर बनी है.

सिक्के छापने की अनुमति
कंपनी के पास सोने की मोहर छापने की भी अनुमति है. ये सिक्के आखिरी बार ब्रिटिश इंडिया में 1918 में छपे थे. ईस्ट इंडिया कंपनी के पास पुरानी कंपनी की सील के साथ ट्रेड करने की भी अनुमति है. मौजूद जानकारी के अनुसार, पुरानी ईस्ट इंडिया कंपनी जब अपने शीर्ष पर थी तो ब्रिटेन का एक तिहाई श्रमबल कंपनी के लिए काम करता था. संजीव मेहता मानते हैं कि जल्द ही कंपनी एक बार फिर भारत में व्यापार करेगी.

Tags: Business news, Business news in hindi, East India Company

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Author: Up Head Line

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