
रोहित भट्ट/अल्मोड़ा . अल्मोड़ा में अक्सर ऐसे कई मामले देखने को मिलते हैं जिनमें लोग अपना इलाज कराने के लिए बाहर का रुख अपनाते हैं. इसी को देखते हुए साल 2013 में मेडिकल कॉलेज की नींव रखी गई थी. जिससे पहाड़ों की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किया जा सके. काफी लंबे अंतराल के बाद मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हुआ और 2022 में मेडिकल कॉलेज को मान्यता आखिरकार मिल ही गई. जिसके बाद से यहां पर डॉक्टरों की तैनाती होने से मरीजों को अब यहां पर सुविधा मिल पा रही है.
मेडिकल कॉलेज नहीं बनने से मरीजों को अपना उपचार कराने के लिए बाहर की ओर जाना पड़ता था. अब मेडिकल कॉलेज में विभिन्न रोगों के डॉक्टर यहां पहुंचे रहे हैं. मेडिकल कॉलेज के सुपरिटेंडेंट डॉक्टर अजय आर्य ने बताया 2022 में मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिली थी और उसके साथ ही एमबीबीएस का पहला बैच मेडिकल कॉलेज को मिला है. इसके साथ दूसरा बैच भी आ चुका है.
एमआरआई की सुविधा जल्द होगी उपलब्ध
इसके अलावा बेस अस्पताल में मरीजों को विभिन्न तरीके की सुविधा मिल रही है. जैसे एनआईसीयू और आईसीयू, ईएनटी विभाग, आई स्पेशलिस्ट, चर्म रोग विशेषज्ञ, मनोचिकित्सक के अलावा कैंसर रोग विशेषज्ञ कि यहां पर तैनाती हुई है. अब मरीज बेस अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं. इससे पहले तक दूरदराज से आने वाले मरीजो को बाहर की ओर रेफर होते थे .पर मेडिकल कॉलेज के अधीन बेस अस्पताल में डॉक्टर आने से मरीजों को सुविधा यही मिल रही थी. इसके अलावा पिछले दिनों से ही यहां पर एंडोस्कोपी हो रही है और बहुत जल्द ही एमआरआई की सुविधा भी मरीजों को मिलेगी.
चिकित्सा सुविधाओं का होगा विकास
मेडिकल कॉलेज के सुपरिटेंडेंट डॉ. अजय आर्य ने यह भी बताया मरीजों को और भी बेहतर सुविधा देने के लिए मेडिकल कॉलेज का विभाग लगातार काम कर रहा है. आने वाले कुछ समय के बाद कई अन्य सुविधाएं मरीजों को मिल सकती है . जिससे मरीजों को काफी फायदा होगा.
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FIRST PUBLISHED : May 19, 2023, 22:30 IST









