G7 Summit: पूरा विश्व रूस पर और प्रतिबंध लगाने को तैयार! जेलेंस्की बैठक में होंगे शामिल

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नई दिल्ली. दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोकतांत्रिक देशों के नेताओं ने शुक्रवार को ‘समूह 7’ (जी7) की बैठक में, यूक्रेन पर हमला करने वाले रूस को अधिक दंड देने का संकल्प लिया. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की रविवार को इस बैठक में शामिल होंगे. बंद दरवाजों के भीतर हुई जी7 समूह की बैठकों के बाद उसके नेताओं ने एक बयान में कहा, ‘‘यूक्रेन के लिए हमारा समर्थन कम नहीं होगा. हम यूक्रेन के खिलाफ रूस के अवैध, अनुचित और अकारण युद्ध के विरोध में एक साथ खड़े होने का संकल्प लेते हैं. रूस ने इस युद्ध की शुरुआत की थी और इस युद्ध को समाप्त भी कर सकता है.’’ यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के सचिव ओलेक्सी डेनिलोव ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर अपने संबोधन में इस बात की पुष्टि की कि जेलेंस्की जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे.

डेनिलोव ने शुक्रवार को कहा, ‘‘हमें यकीन था कि हमारे राष्ट्रपति वहां मौजूद होंगे जहां यूक्रेन को उनकी जरूरत होगी, वहां बहुत महत्वपूर्ण मामलों का निर्णय लिया जाएगा, इसलिए भौतिक रूप से उनकी उपस्थिति हमारे हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है.’’ जेलेंस्की ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने सऊदी अरब की यात्रा शुरू की है, जहां अरब नेता शिखर सम्मेलन कर रहे हैं. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कारण यूक्रेन पर मंडरा रहे परमाणु हमले के खतरे, उत्तर कोरिया द्वारा जारी मिसाइल परीक्षणों और चीन के तेजी से बढ़ते परमाणु जखीरे के मद्देनजर जापान ने परमाणु निरस्त्रीकरण को शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख हिस्सा बनाने पर जोर दिया है.

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विश्व के नेताओं ने शुक्रवार को दुनिया के पहले युद्धकालीन परमाणु बम विस्फोट में मारे गए हजारों लोगों को समर्पित एक शांति उद्यान का दौरा किया. अमेरिका के एक अधिकारी ने बताया कि सामूहिक तस्वीर खिंचवाने और सांकेतिक पौधारोपण के बाद रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों का खुलासा किया जाएगा और उस पर पहले से लगाए गए प्रतिबंधों को लागू करने के प्रयास दोगुने करने एवं उसे जवाबदेह बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. अमेरिका के एक अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखे जाने की शर्त पर बताया कि अमेरिका की ओर से की जानी वाली कार्रवाई के तहत रूस के रक्षा उत्पादन से जुड़ी रूसी और अन्य देशों की करीब 70 कंपनियों को काली सूची में डालना और 300 से अधिक व्यक्तियों, संस्थाओं, विमानों एवं पोतों पर प्रतिबंध लगाना शामिल है.

अधिकारी ने बताया कि जी7 के अन्य देश भी रूस को और अलग-थलग करने तथा यूक्रेन पर हमला करने की उनकी क्षमताओं को कमजोर करने के लिए इस प्रकार के कदम उठाएंगे. उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन में जी7 के गैर-सदस्य अतिथि देशों के नेताओं को भी यह समझाने की कोशिश की जाएगी कि प्रतिबंधों को लागू करना इतना महत्वपूर्ण क्यों है. जी7 देशों के समूह ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वे रूस को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली का उपयोग करने से रोकने के लिए काम करेंगे, रूस के खिलाफ मुकदमा चलाएंगे, जी7 देशों की अर्थव्यवस्थाओं तक रूस की पहुंच को और प्रतिबंधित करेंगे एवं उस पर और प्रतिबंध लगाएंगे.

जी7 देशों ने दुनिया के अन्य देशों से रूस को दी जाने वाली मदद को रोकने का आग्रह किया अन्यथा ऐसा करने पर ऐसे देशों को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी. यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि यूरोपीय संघ रूसी हीरों के व्यापार को प्रतिबंधित करने की योजना पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. ब्रिटेन ने रूस के ऊर्जा, धातु, रक्षा, परिवहन और वित्तीय क्षेत्रों से जुड़े 86 लोगों और संगठनों की संपत्तियों पर रोक लगाने वाले नए प्रतिबंधों की घोषणा की. यूरोपीय संघ आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, ‘‘हमें यूक्रेन को अब सफलतापूर्वक अपनी रक्षा करने और पूर्ण संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता हासिल करने के लिए उपकरण देने की आवश्यकता है. हमें यूक्रेन को आवश्यक सैन्य और वित्तीय सहायता प्रदान करनी चाहिए. हमें मदद जारी रखना है.’’

इस अवसर पर जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने जापान-अमेरिका गठबंधन को महत्वपूर्ण करार देते हुए कहा, ‘‘जापान-अमेरिका सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की नींव है.’’ गौरतलब है कि चीन, रूस और उत्तर कोरिया से खतरों का सामना कर रहा जापान अपनी सेना का विस्तार कर रहा है, लेकिन वह जापान में तैनात 50,000 अमेरिकी सैनिकों पर भी निर्भर है. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा, ‘‘जब हमारे देश एक साथ खड़े होते हैं, तो हम और मजबूत होते हैं, और मेरा मानना है कि जब हम ऐसा करते हैं तो पूरी दुनिया सुरक्षित होती है.’’ इस बीच, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग चीनी शहर शीआन में दो दिवसीय शिखर सम्मेलन की बैठक में कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के नेताओं की मेजबानी कर रहे हैं.

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि जी7 की बैठक में जी -7 के नेता चीन की ‘‘आर्थिक जबरदस्ती’’ को लेकर एक एकीकृत रणनीति का संयुक्त रूप से समर्थन करेंगे. जी-7 में जापान, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा और इटली के साथ-साथ यूरोपीय संघ भी शामिल हैं. कई अन्य देशों को भी सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है जिनमें ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, भारत, इंडोनेशिया और दक्षिण कोरिया अतिथि देशों के रूप में सम्मेलन में भाग लेंगे.

Tags: G7, G7 Meeting, Russia

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Author: Up Head Line

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