
इसके बाद बुधवार की देर रात को जानकारी आई कि सिद्धारमैया को सीएम बनाया जाएगा. हालांकि तभी भी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी. वहीं गुरुवार की सुबह एक बार फिर बैठकों का दौर जारी हुआ था. इस बीच कांग्रेस पार्टी ने आधिकारिक घोषणा कर दी. डीके शिवकुमार बुधवार की शाम तक सीएम पद के लिए अड़े रहे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सोनिया गांधी ने मल्लिकार्जुन खड़गे और रणदीप सुरजेवाला की मौजूदगी में डीके शिवकुमार से बात कर उनको मनाया. इसके बाद पार्टी के आलाकमान ने फैसला लिया.
बीते रविवार से बुधवार तक कांग्रेस नेताओं की बैठक का सिलसिला चलता रहा. बुधवार को 10 जनपथ पर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार भी पहुंचे थे. जहां दोनों नेताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात की थी. डीके शिवकुमार सीएम बनने की इच्छा जाहिर कर चुके थे. उन्होंने यह भी दलील दी थी कि सिद्धारमैया जब से पार्टी में आए हैं तब से पावर में ही रहे हैं. हालांकि सिद्धरमैया का पलड़ा शुरू से ही डीके शिवकुमार के मुकाबले भारी माना जा रहा था.
डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश ने पार्टी के फैसले पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वो चाहते थे कि डीके शिवकुमार सीएम बनें लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. बता दें कि राहुल गांधी से मिलने के लिए डीके शिवकुमार के साथ उनके भाई डीके सुरेश भी थे.









