धरती पर अभी भी मौजूद है स्वर्ग से आया चमत्कारिक पौधा, पृथ्वी के लिए है वरदान, घर में कराता है धन वर्षा

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


हाइलाइट्स

धरती के लिए वरदान माना जाता है पारिजात का फूल.
समुद्र मंथन के दौरान निकला था पारिजात का पौधा.

Vastu Tips: आज भी धरती पर कई ऐसी चीजें मौजूद हैं जिन्हें भगवान का वरदान माना जाता है. उसी तरह परिजात का वृक्ष है. पारिजात के पौधे को घर पर लगाना बेहद शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इसका पुष्प मां लक्ष्मी को बहुत पसंद है. पौराणिक मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान जो 14 रत्न बाहर आए उनमें से एक परिजात का पौधा भी था. माना जाता है कि इस पौधे को इंद्र ने स्वर्ग में स्थापित किया था.

परिजात के पुष्प मां लक्ष्मी को बहुत प्रिय माना जाता है. दरअसल मान्यता है कि मां लक्ष्मी का अवतरण भी समुद्र मंथन के दौरान ही हुआ था. परिजात का पौधा आज भी धरती पर मौजूद है. इसे पृथ्वी का वरदान कहा जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार घर मे पारिजात का पौधा होना बेहद शुभ माना जाता है. आइए आज हम आपको परिजात के पौधे को घर पर रखने के फायदे बताते हैं.

मां लक्ष्मी को बेहद प्रिय: इंदौर के रहने वाले ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित कृष्ण कांत शर्मा के अनुसार परिजात का फूल माता लक्ष्मी को बहुत पसंद है. मान्यता है कि इन्हें घर में लगाने से धन धान्य की पूर्ति होती है. घर में परिजात का पौधा लगाने से घर में शांति बनी रहती है.

ये भी पढ़ें- ऋषि शृंगी कौन थे, प्रभु श्री राम की बहन से कैसे हुआ इनका विवाह, जानें यह रोचक पौराणिक कथा

सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार: घर में पारिजात का पौधा लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार होता है. इससे नकारात्मकता बाहर होती है. इसके फूलों की सुगंध से मन शांत होता है और तनाव से मुक्ति भी मिलती है.

स्वास्थ्य लाभ: ऐसा माना जाता है कि पारिजात का पौधा घर में लगाने से घर के सदस्य स्वस्थ रहते हैं और उन्हें दीर्घायु होने का वरदान भी मिलता है. धार्मिक महत्व के अलावा पारिजात के पौधे और फूलों का उपयोग आयुर्वेद में किया जाता है. आयुर्वेद में पारिजात के फूलों से कई प्रकार की बीमारियों के इलाज के लिए दवाइयां बनाई जाती हैं.

ये भी पढ़ें- कौन थीं भगवान राम की बड़ी बहन? रामायण से क्यों रहीं गुमनाम, जानें बेहद दिलचस्प पौराणिक कथा

Tags: Astrology, Dharma Aastha, Dharma Culture, Vastu tips

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें