Nitish Katara Murder Case: विकास यादव ने सुप्रीम कोर्ट में दा‍ख‍िल की र‍िहाई याच‍िका, अगस्‍त में होगी मामले पर सुनवाई, 22 साल की सजा काट चुका

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हाइलाइट्स

यूपी सरकार की वकील ने कहा-विकास यादव की याचिका मेंटनेबल नहीं है.
हत्याकांड के तीसरे दोषी सुखदेव पहलवान को सुनाई गई थी 20 साल की सजा
विकास और उसके चचेरे भाई विशाल को 25 साल की सजा सुनाई गई थी.

नई द‍िल्‍ली. साल 2002 के बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड (Nitish Katara Murder Case) मामले में विकास यादव और उसके चचेरे भाई विशाल यादव को 25 साल की सजा सुनाई गई थी. जेल की सजा काटते हुए विकास यादव को 22 साल हो गए हैं. हत्याकांड के दोषी विकास यादव ने अब सुप्रीम कोर्ट से रिहाई की गुहार लगाई है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) अब इस मामले में अगस्त में सुनवाई करेगा.

बताते चलें क‍ि नीतीश कटारा हत्‍याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने ही विकास यादव (Vikas Yadav) को 25 साल की सजा सुनाई थी. जबकि विकास यादव को निचली अदालत और हाईकोर्ट से उम्रकैद की सजा मिली थी. लेक‍िन सुप्रीम कोर्ट ने उसको 25 साल सजा सुनाई थी ज‍िसमें से वो अब 22 साल पूरे कर चुका है.

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वहीं सुप्रीम कोर्ट में लगाई र‍िहाई करने की मांग याच‍िका का उत्‍तर प्रदेश सरकार (UP government) ने विरोध किया है. यूपी सरकार की वकील ऐश्वर्या भाटी ने कहा क‍ि विकास यादव की याचिका मेंटनेबल नहीं है. इस स्टेज पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए.

कोर्ट ने कहा कि ये तो ऑनर किलिंग है. विकास यादव के वकील ने कहा क‍ि 22 साल से जेल में है. अब शीर्ष अदालत इस मामले में अगस्त में सुनवाई करेगी. कोर्ट ने नीलम कटारा (Neelam Katara) को पक्षकार बनने की इजाजत दी है. कोर्ट इस मामले पर दाखिल विकास यादव की याचिका की मेंटेनबिलिटी पर भी विचार करेगा.

बताते चलें क‍ि साल 2022 में विकास यादव और उसके चचेरे भाई विशाल यादव को कटारा के अपहरण और हत्या के मामले में सजा सुनाई गई थी. वर्ष 2002 में 16 और 17 फरवरी की दरम्यानी रात अपहरण के बाद कटारा की हत्या कर दी गई थी. इस घटना को विकास की बहन भारती से कटारा के कथित प्रेम संबंधों के चलते अंजाम दिया गया था जो अलग-अलग जाति से थे. इस हत्याकांड के तीसरे दोषी सुखदेव पहलवान (Convicted Sukhdev Pehalwan) को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी. विकास यादव इस मामले में विभिन्न आधारों पर पैरोल भी मांग चुका है.

Tags: Crime News, Delhi police, Supreme Court, UP news

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Author: Up Head Line

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