Pradosh Vrat 2023: कब है ज्येष्ठ माह का पहला प्रदोष? इस दिन पंचक और भद्रा, जान लें शिव पूजा का शुभ-उत्तम मुहूर्त

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हाइलाइट्स

इस बार बुध प्रदोष व्रत है और उस दिन पंचक और भद्रा भी है.
ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 16 मई को रात 11 बजकर 36 मिनट पर प्रारंभ हो रही है.

ज्येष्ठ माह का पहला प्रदोष व्रत कृष्ण पक्ष में आने वाला है. हर माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखते हैं. इस दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की जाती है. इस बार बुध प्रदोष व्रत है और उस दिन पंचक और भद्रा भी है. हालांकि प्रदोष के दिन आयुष्मान और सौभाग्य योग भी बन रहे हैं. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से जानते हैं कि प्रदोष व्रत कब है और ​शिव पूजा का शुभ उत्तम मुहूर्त क्या है?

ज्येष्ठ का पहला प्रदोष व्रत
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 16 मई दिन मंगलवार को रात 11 बजकर 36 मिनट पर प्रारंभ हो रही है और यह तिथि अगले दिन बुधवार 17 मई को रात 10 बजकर 28 मिनट तक है. प्रदोष पूजा मुहूर्त और उदयातिथि के आधार पर प्रदोष व्रत 17 मई बुधवार को है. बुधवार ​दिन को होने के कारण यह बुध प्रदोष व्रत है.

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बुध प्रदोष 2023 पूजा मुहूर्त
17 मई को बुध प्रदोष की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 07 बजकर 06 मिनट से प्रारंभ हो र​हा है, जो रात 09 बजकर 10 मिनट तक है. इस शुभ समय में आपको भगवान शिव की पूजा विधिपूर्वक कर लेनी चाहिए.

प्रदोष पूजा का शुभ उत्तम मुहूर्त रात 08 बजकर 24 मिनट से लेकर रात 09 बजकर 10 मिनट तक है. इस समय में शिव पूजा का विशेष लाभ प्राप्त कर सकते हैं.

आयुष्मान और सौभाग्य योग में प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत के दिन आयुष्मान और सौभाग्य दो शुभ योग बन रहे हैं. 17 मई को प्रात:काल से ही आयुष्मान योग प्रारंभ है, जो रात 09 बजकर 18 मिनट तक है. उसके बाद से सौभाग्य योग प्रारंभ हो जाएगा. ये दोनों ही योग पूजा पाठ और शुभ कार्यों के लिए उत्तम माने जाते हैं.

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पंचक और भद्रा में प्रदोष व्रत
बुध प्रदोष व्रत के दिन पंचक और भद्रा है. इस दिन पंचक सुबह 05 बजकर 29 मिनट से लेकर सुबह 07 बजकर 39 मिनट तक है. वहीं भद्रा रात 10 बजकर 28 मिनट से अगले दिन प्रात: 05 बजकर 29 मिनट तक है. इस भद्रा का वास स्वर्ग में है. भद्रा और पंचक के समय में कुछ शुभ कार्यों का करना वर्जित है.

प्रदोष व्रत का महत्व
प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा पाने का अच्छा अवसर है. इस दिन व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ की पूजा करनी चाहिए. इससे आपकी मनोकामनाएं पूरी होंगी. जीवन के संकट दूर होंगे. धन, सुख, समृद्धि आदि में बढ़ोत्तरी होगी. शिव कृपा से रोग और ग्रह दोष भी खत्म हो जाएंगे.

Tags: Dharma Aastha, Lord Shiva

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Author: Up Head Line

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