Mahasamund News : प्रेम विवाह से दो परिवारों के बीच में आ गई थी दीवार, जानिए फिर क्या हुआ ?

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रामकुमार नायक/महासमुंद . छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में नेशनल लोक अदालत के न्यायधीशों ने कई मामले सुलझाए हैं. जिसमे से एक मामला काफी दिलचस्प है. प्रेम विवाह के चलते दो परिवारों का 6 साल से विवाद चल रहा था, नेशनल लोक अदालत में न्यायधीशों ने इन्हें एक साथ रहने की सलाह दी. फिर क्या चंद मिनटों में ही दोनों परिवार के लोग मान गए और सालों पुराना विवाद सुलझ गया.

मामला पिथौरा का है प्रार्थी ने परिवार से बाहर जाकर प्रेम विवाह कर लिया था. जिसके बाद से विवाद शुरू हो गया था. नेशनल लोक अदालत में शनिवार को सुनवाई के बाद सुलह व समझौता के आधार पर 1302 लंबित मामलों का निराकरण किया गया. इनमें 4 करोड़ 87 लाख 29 हजार 645 रुपए के वार्ड पारित किए गए.

नेशनल लोक अदालत का हुआ आयोजन
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दामोदर प्रसाद चंद्रा ने बताया कि 13 मई को जिला न्यायालय महासमुंद व तहसील पिथौरा, सरायपाली स्थित सिविल, उपभोक्ता फोरम, श्रम और राजस्व न्यायालयों सहित कुल 24 खंडपीठों का गठन कर नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया.

मामूली विवादों का हुआ निपटारा
सभी खंडपीठों में श्रमिक विवाद, बैंक रिकवरी प्रकरण, बिजली व देयकों के अवशेष बकाया की वसूली और राजीनामा योग्य अन्य मामले के बकाया की प्री-लिटिगेशन न्यायालयों से संबंधित प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गए थे. इन मामलों के अलावा राजीनामा योग्य दांडिक प्रकरण, परक्राम्य लिखत अधि की धारा-138 के अधीन परिवाद पर संस्थित मामले मोटर दुर्घटना दावा संबंधी मामले और विद्युत अधिनियम 2003 की धारा-135 (क) के तहत बिजली चोरी के मामले, सिविल वसूली मामले, संबंधी राजस्व मामले भी नियत किए गए थे.

4394 प्रकरणों का हुआ निराकरण
खंडपीठों में उपरोक्त सभी मामलों की सुनवाई करते हुए जिला महासमुंद स्थित विभिन्न न्यायालयों में प्री-लिटिगेशन के 29 और राजस्व न्यायालयों के कुल 4 हजार 394 प्रकरणों का निराकरण किया गया. न्यायालयों में लंबित सिविल वाद, दांडिक मामलों, मोटर दुर्घटना दावा, चेक अनादरण के प्रकरण आदि के कुल 1302 मामलों में सुनवाई के बाद सुलह व समझौता के आधार पर निराकरण किया गया और उनमें 4 करोड़ 87 लाख 29 हजार 645 रुपए के अवॉर्ड पारित किए गए.

Tags: Chhattisgarh news, Mahasamund News

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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