एसिड अटैक ने छीन ली आंखें…पर हारी नहीं काफी, दसवीं में किया टॉप, IAS बनना है सपना

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उमेश रमन/चंडीगढ़: जब काफी 3 साल की थी तो एक एसिड अटैक में उसकी आंखों की रोशनी चली गई. पूरा चेहरा जल गया, लेकिन न तो परिवार ने हिम्मत हारी और न ही काफी ने। हिसार की रहने वाली दृष्टिबाधित बेटी काफी चंडीगढ़ के ब्लाइंड इंस्टीट्यूट की स्टूडेंट है. उसने सीबीएसई बोर्ड एग्जाम के रिजल्ट में 10वीं में 95.2 परसेंट नंबर लेकर इंस्टीट्यूट में टॉप किया है.

काफी ने साबित कर दिया कि अगर मुश्किलों से लड़ने का जज्बा हो तो कुछ भी असंभव नहीं. काफी जब 3 साल की थी तो पड़ोसी ने होली के दिन काफी पर एसिड फेंक दिया था. पड़ोसी तांत्रिक विद्या करता था. बस उस दिन से काफी, पिता पवन और मां सुमन की जिंदगी में मुश्किलों ने घर बना लिया. पवन मिस्त्री का काम करते हैं. पवन ने बेटी को न्याय के लिए एक तरफ कोर्ट के चक्कर लगा रहे थे और दूसरी तरफ बेटी के इलाज के लिए हिसार से हैदराबाद तक के अस्पतालों की खाक छान रहे थे.

बेटी के इलाज के लिए सब बेच डाला
अनेक प्रयास किए, लेकिन काफी की आंखों की रोशनी नहीं बच पाई. पिता ने बेटी के इलाज के लिए सब कुछ बेच डाला. किसी ने पवन को सलाह दी थी कि काफी का चंडीगढ़ के ब्लाइंड इंस्ट्यूट में एडमिशन करवा दो. पवन इससे पहले हिसार के ब्लाइंड स्कूल में बेटी को पढ़ा रहे थे. फिर काफी का एडमिशन चंडीगढ़ में करा दिया गया.

टीसर्च और यूट्यूब से मिली मदद
चंडीगढ़ आने के बाद काफी ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा. पिता पवन चंडीगढ़ में एक ठेकेदार के पास सेवादार का काम करने लगे, ताकि बेटी का ध्यान रख सकें. काफी ने बताया की दसवीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए उसने काफी मेहनत की. 5 से 6 घंटे रोज पढ़ाई की. स्कूल की टीचर्स और यूट्यूब ने काफी मदद की.

IAS बनकर देश सेवा करना चाहती हूं
मुझे उम्मीद थी कि मेरे 92 या 93 परसेंट मार्क्स आएंगे, लेकिन जब रिजल्ट आया तो उम्मीद से ज्यादा मिला. काफी ने बताया कि उसके माता-पिता बहुत खुश हैं. उनका सपना मैंने कुछ हद तक पूरा किया है. 10वीं में अपना परचम लहराने के बाद काफी का सपना IAS बनने का है. क्योंकि वह देश के लिए कुछ करना चाहती हैं. काफी को क्रिकेट और संगीत अच्छा लगता है.

Tags: Acid attack, CBSE board results, Chandigarh news, Haryana news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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