अल्ट्रा हाई स्पीड ट्रेन: प्लीज़ ट्रेन मत कहिए इसे! स्पीड हवाई जहाज से ज्यादा, लागत कम और सेफ्टी टकाटक

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हाइलाइट्स

चीन में तैयार हो रही अल्ट्रा हाई स्पीड रेल लाइन.
1000 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलेगी ट्रेन.
जनवरी में हुई थी ट्रेन की सफल टेस्टिंग.

नई दिल्ली. चीन में एक अल्ट्रा हाई स्पीड ट्रेन तैयार हो रहा है. ये दुनिया का पहला एक्पेरिमेंटल अल्ट्रा हाई स्पीड प्रोजेक्ट है. इसमें ट्रेन मैगलेव लाइन पर चलेगी और वो 1000 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की स्पीड में चलेगी. ये ट्रेन नॉर्थ ईस्ट चीन के हेलोन्जियांग प्रांत के हार्बिन में बन रहा है.

इस ट्रेन प्रोजेक्ट के काम में लगी बीजिंग की एक ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी कंपनी वर्ल्ड आर्टरी ने इस मैगलेव प्रोजेक्ट को लेकर चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्सको बताया कि इस प्रोजेक्ट का मकसद स्थानीय टूरिज़्म को बढ़ावा देना है.

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मैगलेव लाइन का मतलब है मैग्नेटिक लेविटेशन लाइन. इसमें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स का इस्तेमाल करके ट्रेन्स को आगे बढ़ने के लिए पुश किया जाता है. इस अल्ट्रा हाई स्पीड मैगलेव लाइन के लिए एक ट्रांसपोर्टेशन ट्यूब बनाया जा रहा है. ये एक सेमी वैक्यूम ट्यूब होगा, जिसके अंदर ट्रेन 1000 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पकड़ पाएगी. इसमें लागत कम आएगी और इसमें सुरक्षा का लेवल भी बेहतरीन होगा.

इस ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए लगने वाले ट्रांसपोर्टेशन ट्यूब और दूसरी चीज़ों को वर्ल्ड आर्टरी और हार्बिन इंडस्ट्रियल इनवेस्टमेंट ग्रुप कॉर्पोरेशन मिलकर तैयार कर रहे हैं. वर्ल्ड आर्टरी के प्रेसिडेंट झेंग बिन का कहना है कि ये तकनीक की दुनिया में एक बड़ा कदम होगा, जिसमें अल्ट्राहाईस्पीड ट्रेन के कॉन्सेप्ट को रियलिटी में उतारा जाएगा.

जनवरी में हुई थी अल्ट्रा-हाईस्पीड रेल लाइन की टेस्टिंग
ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जनवरी में 210 मीटर के टेस्ट रूट पर अल्ट्रा हाई स्पीड ट्रेन की टेस्टिंग सफल रही थी. इस रिपोर्ट में बताया गया था कि सुपर नेविगेशन व्हीकल का इस्तेमाल करके टेस्टिंग की गई थी. इसके साथ ही स्पीड 50 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़ने पर सारे सिस्टम अच्छे से काम कर रहे थे. टेस्ट के बाद चीन के एरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन की टीम ने उम्मीद जताई थी कि आने वाले समय में ट्रेन ज़मीन पर ऐसी स्पीड में उड़ेगी कि प्लेन्स को पीछे छोड़ देगी.

ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, चीन फिलहाल दुनिया का एकलौता देश है जो मैगलेव लाइन को कमर्शियली यूज़ कर पा रहा है. चीन के शंघाई एयरपोर्ट से लॉन्गयांग स्टेशन के बीच मैगलेव लाइन बिछाई गई है. 30 किलोमीटर की ये दूरी साढ़े सात मिनट में पूरी हो जाती है. इस लाइन पर ट्रेन 430 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड से चलती है.

Tags: Railway, Railway News, Railways

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Author: Up Head Line

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