आज का पंचांग 6 मई 2023: शनि की महादशा से बचाएगा शनिवार व्रत, दूर होंगे कष्ट, पढ़ें, नक्षत्र, योग और राहुकाल

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हाइलाइट्स

शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित होता है.
शनि ग्रह की पीड़ा से बचने के लिए आज के दिन शनि कवच का पाठ करना चाहिए.

आज का पंचांग 6 मई 2023 (Aaj Ka Panchang): आज ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि, व्यतिपात योग और दिन शनिवार है. आज का दिन शनि देव को समर्पित है और लोग शनिवार व्रत रखते हैं. मान्यता है कि शनि देव की महादशा होने पर पूजा-पाठ की जाए तो कष्ट और हर दुख-दर्द दूर हो सकते हैं. व्यक्ति द्वारा उसके किए कर्मों का फल तब मिलता है, जब शनि की दशा लगी हो. न्यान के देवता प्रत्येक व्यक्ति को उसके अच्छे-बुरे कर्मों के आधार पर ही फल देते हैं. जब कोई व्यक्ति किसी लाचार, गरीब, महिला आदि के साथ गलत व्यवहार करता है तो शनि देव की वक्र दृष्टि उस पर हमेशा बनी रहती है.

यदि आप अपने सारे कष्ट, दुख, पाप दूर करना चाहते हैं तो शनिवार का व्रत और पूजा-पाठ पूरे नियमानुसार अवश्य करें. इससे शनि देव की कृपा आपके और आपके परिवार पर हमेशा बनी रहेगी. आज के दिन आप जरूरतमंदों को भोजन करा सकते हैं. वस्त्र, दवा, भोजन आदि आवश्यक चीजों का दान कर सकते हैं. आप सरसों या तिल के तेल का दीपक और धूप जलाकर शनि देव की पूजा करें. आरती कर अपने बुरे कर्मों, गलतियों, अपराधों की उनसे क्षमा मांगे. शनि कवच पाठ करें या सुनें. नियमित रूप से यह पाठ करेंगे तो जिंदगी में मौजूद हर बड़ी बाधा दूर हो सकती है. इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं. शनि ग्रह की पीड़ा से बचना है तो आप शनि कवच का पाठ जरूर करें. शनि दशा, ढैय्या, साढ़ेसाती, अन्तर्दशा आदि होने पर शनि कवच का पाठ करने से सभी शारीरिक, मानसिक, आर्थिक कष्ट, जीवन में आईं व्याधियां, विपत्ति आदि दूर हो सकते हैं. आप अकाल मृत्यु से बचे रह सकते हैं. जन्म कुंडली में मौजूद दोष यदि शनि ग्रह के कारण है तो आप शनि कवच का पाठ अवश्य करें. इस तरह से आप शनि जी के प्रकोप से बचे रह सकते हैं.

6 मई 2023 का पंचांग
आज की तिथि – ज्येष्ठ कृष्णपक्ष प्रतिपदा
आज का करण – बलव
आज का नक्षत्र – विशाखा
आज का योग – व्यतिपात
आज का पक्ष – कृष्ण
आज का वार – शनिवार
आज का दिशाशूल –पूर्व

सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय – 06:03:00 AM
सूर्यास्त – 07:08:00 PM
चन्द्रोदय – 19:49:59
चन्द्रास्त – 05:46:00
चन्द्र राशि– तुला

हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत – 1945 शुभकृत
विक्रम सम्वत – 2080
दिन काल – 13:22:17
मास अमांत – वैशाख
मास पूर्णिमांत – ज्येष्ठ
शुभ समय – 11:51:11 से 12:44:41 तक

अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)
दुष्टमुहूर्त– 05:36:47 से 06:30:17 तक
कुलिक– 06:30:17 से 07:23:46 तक
कंटक– 11:51:11 से 12:44:41 तक
राहु काल– 09:19 to 10:58
कालवेला/अर्द्धयाम– 13:38:10 से 14:31:39 तक
यमघण्ट– 15:25:08 से 16:18:37 तक
यमगण्ड– 13:58:13 से 15:38:30 तक
गुलिक काल– 06:03 to 07:41

Tags: Astrology, Dharma Aastha, Shanidev

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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