दूसरे दिन की रामलीला में हुई मुनि आगमन और ताड़का वध की लीला

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कौशाम्बी-

ताड़का वध होते ही भक्तों ने की भगवान श्रीराम की जय जयकार

श्री सीताराम दशहरा मेला एवं श्रीरामलीला कमेटी उदहिन बुजुर्ग के तत्वावधान में जय मां सिंहवाहिनी आदर्श रामलीला मंडल के कलाकारों के द्वारा श्रीरामलीला के दूसरे दिन मुनि आगमन और ताड़का वध की लीला हुई। राजा दशरथ के दरबार अयोध्या में मुनि विश्वामित्र का आगमन हुआ। राजा दशरथ ने मुनि विश्वामित्र से अयोध्या आगमन का कारण पूंछा। मुनि विश्वामित्र ने बताया कि वन में आश्रमों में यज्ञ आदि आयोजनों में राक्षस विघ्न डालते हैं और परेशान करते हैं। आगे कहा कि हम वन में यज्ञ कार्य का आयोजन करने वाले हैं। इसलिए यज्ञ कार्य को निर्विघ्न सम्पन्न होने हेतु राम और लक्ष्मण को दस दिन के लिए मेरे साथ वन स्थित मेरे आश्रम भेज दीजिए। राजा दशरथ ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। राजा दशरथ के इंकार करते ही मुनि विश्वामित्र क्रोधित हो उठे। तभी वहां गुरु वशिष्ठ जी का आगमन हुआ। सारे प्रकरण को समझकर मुनि विश्वामित्र को गुरु वशिष्ठ ने शांत किया और राजा दशरथ को राम और लक्ष्मण को मुनि विश्वामित्र के साथ वन भेजने को राजी किया। वन गमन पथ पर राम लक्ष्मण को ताड़क वन में तड़का राक्षसी मिली। तड़का ने राम लक्ष्मण को युद्ध के लिए प्रेरित किया जिसपर राम ताड़का युद्ध हुआ। युद्ध में भगवान राम ने ताड़का का वध कर दिया। इसी के साथ अन्य कई राक्षसों को वध कर राम, लक्ष्मण ने मुनि विश्वामित्र के यज्ञ का अयोजन सफल कराया। इसपर लोगों ने भगवान श्रीराम की जय जयकार की। दूसरे दिन की रामलीला में कमेटी अध्यक्ष अजय सोनी के अलावा श्रीचंद्र केसरवानी, डॉ राजेंद्र प्रसाद, जीतू केसरवानी, मुन्ना सिंह, जुम्मन अली आदि मौजूद रहे।

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Author: Up Head Line

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