*कौशाम्बी* मंझनपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत अतर सुईया को 10 वर्ष पूर्व 2 ग्राम पंचायत में अलग-अलग बटवारा कर बकोड़ा और अतर सुईया के नाम से दो ग्राम पंचायत बनाया गया पूर्व से बकोड़ा गांव के रहने वाले ओंकार सिंह और उनकी पत्नी विद्या देवी का पूरा परिवार बकोड़ा गांव में रहता है ओंकार सिंह की बहू बकोड़ा गांव की वर्तमान ग्राम प्रधान है लेकिन बकोड़ा गांव के ओंकार सिंह ने पंचायत सचिव की साजिश से अतर सुईया गांव के परिवार रजिस्टर में अपना और अपनी पत्नी का नाम दर्ज करवा लिया है जबकि ओंकार सिंह उनकी पत्नी का रहना बकोड़ा गांव में होता है जहां उनकी बहू बेटे रहते हैं वहीं उनकी खेती किसानी है वही उनके निवास बना हुआ है लेकिन अतरसुया गांव में प्रधानी लड़ने की नियत से अतरसुया गांव में भी ओंकार सिंह और विद्या देवी का नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज कर दिया गया है जबकि ओंकार सिंह और विद्या देवी के पूर्वजों का नाम और पुत्रों का नाम बकोड़ा गांव के परिवार रजिस्टर मे पूर्व से दर्ज है पूर्वजों का परिवार रजिस्टर बकोड़ा गांव में होने के बाद अतर सुईया में परिवार रजिस्टर नया बना दिया गया है परिवार रजिस्टर में नए पन्ने में नया नाम दर्ज करके अतर सुईया गांव से ओंकार सिंह को लाभ देने का प्रयास पंचायत सचिव द्वारा किया गया है जो कानूनी रूप से गलत है पूर्व से जहां परिवार का नाम दर्ज था पूर्वजों का जहां जिस रजिस्टर में नाम दर्ज था वही परिवार रजिस्टर की नकल दी जा सकती है लेकिन पंचायत सचिव ने मनमानी कर पड़ोसी गांव में नाम दर्ज करके नकल दे दी है बताया जाता है कि ओंकार सिंह का रिश्तेदार पंचायत सचिव है जिसने रिश्तेदार को लाभ देने का प्रयास किया है उस समय पंचायत सचिव ने नियम कायदे की धज्जियां उड़ाते हुए गलत तरीके से अतर सुईया गांव में ओंकार सिंह और उनकी पत्नी का परिवार रजिस्टर की नकल बना दिया है मामले को लेकर के ग्राम प्रधान ने मुख्य विकास अधिकारी कौशांबी से शिकायत कर फर्जी तरीके से परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने वाले पंचायत सचिव को निलंबित करने उस पर मुकदमा दर्ज करने और फर्जी नाम को निरस्त करने की मांग की है।






