क्या वैगनर आर्मी का विद्रोह है पुतिन के लिए खतरे का संकेत? क्या बदलने वाली है रूस की सत्ता, जानें


नई दिल्‍ली. यूक्रेन की नेशनल सिक्‍योरिटी और डिफेंस काउंसिल के चीफ ओलेक्सी डेनिलोव का कहना है कि वैगनर आर्मी द्वारा रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन के खिलाफ सैन्‍य विदोह करना बस एक शुरुआत है. बड़ी संख्‍या में रूस के सैनिक अपने राष्‍ट्रपति से नाराज हैं. आगे आने वाले वक्‍त में पुतिन की सत्‍ता को उखाड़ फेंकने के लिए रूसी सेना में इससे भी बड़े स्‍तर पर विद्रोह होना तय है. वैगनर आर्मी ने यह दावा किया था कि उन्‍होंने दक्षिण रूस में स्थित मिलिट्री के दो हब पर कब्‍जा कर लिया है. वो राजधानी मास्‍को की तरफ कूच करते हुए 120 मील तक आ भी गए थे.

वैगनर आर्मी बाद में अपने इरादों से पीछे हट गया. सैन्‍य-विद्रोह करने वाले इस ग्रुप के साथ रूस सरकार की संधी हुई. बेलारूस के राष्‍ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने यह संधी कराई, जिसके तहत सैन्‍य-विद्रोह को लेकर किया गया मुकदमा सरकार ने वापस ले लिया है. वैगनर आर्मी के चीफ येवगेनी प्रिगोझिन भी इस संधी के तहत बेलारूस चले गए हैं.

‘पुतिन के पास केवल सत्‍ता परिवर्तन का रास्‍ता’
युक्रेन नेशनल सिक्‍योरिटी के चीफ ने कहा कि रूस में व्‍लादिमीर पुतिन के खिलाफ संगठन आगे आने लगे हैं. लोग पुतिन के काम करने के तरीके से संतुष्‍ट नहीं हैं. कहा गया कि येवगेनी प्रिगोझिन का रोस्तोव-ऑन-डॉन से मास्को तक मार्च करने की तैयारी करना यह बताता है कि उसकी मंशा कितनी गंभीर थी. किस तरह की परिस्थितियां पैदा की जा रही है जिसके चलते सत्‍ता में बदलाव के लिए रूस में कोशिशें की जा रही हैं. भले ही यह स्‍वैच्‍छा से हों या फिर बलपूर्वक हों.

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उन्‍होंने कहा कि वैगनर आर्मी या अन्‍य फोर्स भी बगावत कर मास्को स्थित रेड स्‍क्‍वायर पर हमला बोल सकती हैं. पुतिन के पास केवल एक ही रास्ता है. वो सत्‍ता के गलियारे को पूरी तरह से साफ कर रूस में मार्शल लॉ लगा दें.

‘मास्‍को पर 2 दिन में कब्‍जा कर सकती है रूसी सेना’
यूक्रेन के आतंरिक मंत्री के एडवाइजर एंटोन गेराशचेंको ने इसपर कहा कि वैगनर आर्मी का मार्च यह भी बताता है कि व्‍लादिमीर पुतिन अपने ही देश को ठीक से नहीं जानते हैं. रूस की सरकार केवल टीवी पर ही मजबूत है. असलियत में वो रूस के प्रांतों में लकड़ी के बैरक जैसी सड़ी-गली अवस्‍था में है. रूस एक किला नहीं है, यह तो एक प्रवेश द्वार की तरह है. सेना कीव में नहीं बल्कि दो दिन के अंदर बिना किसी संघर्ष के मास्‍को पहुंचने की क्षमता रखती है.

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Author: Jagran Times

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