PHOTOS: 25 लाख लोगों ने अदा किया नमाज, आज शैतान को पत्थर मारकर दी जाएगी कुर्बानी


आज हज का दूसरा दिन है. 25 लाख मुस्लिम तीर्थयात्रियों ने मीना की मस्जिद में नमाज अदा की. यहां से तमाम हाजी अराफात की पहाड़ी पर नमाज अदा करने जायेंगे. माउंट अराफात वह जगह है जहां पैगंबर ने अपना अंतिम उपदेश दिया था, और पहाड़ पर चढ़ना हज का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है. (AFP)

अराफात पहाड़ पर नमाज अदा करने के बाद, अगले ही दिन, तीर्थयात्री सऊदी अरब के मक्का की सीमा के भीतर मीना में स्थित तीन पत्थर के स्तंभों जमरात को पत्थर मारने की रस्म निभाएंगे. शैतान को कंकरी मारने के बाद मर्द हाजी अपने सिर मुंडवाते हैं, जबकि औरतों के बाल के कुछ हिस्से काटे जाते हैं। इसके बाद हाजी मक्का वापस लौटते हैं और काबा का तवाफ़ करते हैं और फिर कुर्बानी देते हैं. (AP) इस वर्ष का हज एक चुनौती है, जो लगभग 45 डिग्री सेल्सियस की गर्मी में हो रहा है, तीर्थयात्रा की तारीख चंद्र कैलेंडर पर निर्भर है. इस साल हज 26 जून से 1 जुलाई के बीच आयोजित किया जाता है, जबकि ईद अल-अधा का जश्न 28 जून को मनाया जाता है. (AP) हज एकता की एक अनूठी अभिव्यक्ति है, क्योंकि विभिन्न पृष्ठभूमि, संस्कृतियों और राष्ट्रों के मुसलमान एक साथ अनुष्ठान करने के लिए मक्का की पवित्र भूमि पर इकट्ठा होते हैं. हज महज़ एक शारीरिक यात्रा नहीं है; यह एक आध्यात्मिक यात्रा है जो किसी व्यक्ति के दिल, दिमाग और आत्मा को बदल सकती है. (AP) हज के दौरान किए जाने वाले अनुष्ठान पैगंबर इब्राहिम (अब्राहम) और उनके परिवार के जीवन की याद दिलाते हैं, जो त्याग, समर्पण और अल्लाह के प्रति समर्पण का प्रतीक है. हज के दौरान, मुस्लिम यात्री अराफात के मैदानों में घूमते हैं, उत्साहित होकर प्रार्थना पश्चाताप के आंसू बहाने का अनुभव करते हैं. (AFP) तवाफ के बाद हज यात्री फिर से मीना शहर में अपने खेमे में लौट जाते हैं और वहां दो दिन तंबूनुमा घरों में रहते हैं. महीने की 12 तारीख को यानि पांचवे दिन आखिरी बार हज यात्री मक्का पहुंचकर काबा का तवाफ करते हैं. इसके बाद हज की पवित्र यात्रा पूरी तरह मुकम्मल हो जाती है. (AP)

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Author: Jagran Times

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