सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को लुभा रही टाइगर फैमिली, दो शावकों के साथ घूम रहे बाघ-बाघिन

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

दुर्गेश सिंह राजपूत/नर्मदापुरम. सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के बफर जोन क्षेत्र में इन दिनों बाघ-बाघिन का एक जोड़ा अपने दो शावकों के साथ पर्यटकों के आकर्षण केंद्र बने हुए है. कोर एरिया और बफर जोन में बाघ शावकों को मस्ती करते हुए देखा जा रहा है. बाघ-बाघिन का जोड़ा लगभग 8-10 माह आयु के अपने दो शावकों के साथ गर्मी के दिनों में जल स्रोतों के आसपास देखा जा रहा है.

बाघ-बाघिन अपने शावकों को पानी में अठखेलियों का प्रशिक्षण देते भी देखे जा रहे हैं. सतपुड़ा टाइगर रिजर्व बाघों के सुरक्षित प्राकृतिक पर्यावास के लिए विश्वभर में जाना जाता है. यहां पर कोर और बफर जोन में बाघों की अच्छी साइटिंग होती है. प्रबंधक इसे बाघ की वंश वृद्धि के अच्छे संकेत के रूप में ले रहे हैं.

लोगों के लिए यह रास्ता किया बंद

कुछ वर्षों से कोर और बफर जोन में भी बाघों की अच्छी साइटिंग हो रही है. सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के प्रबंधन और मैदानी कर्मचारियों के प्रयासों से कोर एरिया के बाद बफर जोन भी बाघों के अनुकूल बन गया है. प्रबंधन ने श्रम करते हुए यहां बाघ तेंदुआ जैसे वन्यजीवों के लिए सुरक्षित आवाजाही के रास्तों को लोगों के लिए प्रतिबंधित कर विस्थापन की स्थितियां निर्मित की हैं, जिसके कारण अगर बाघ बफर जोन में आए तो किसी इंसान से उसका आमना-सामना न हो.

बाघों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के डिप्टी डारेक्टर संदीप फ़ेलोज ने बताया है कि पहले सतपुड़ा टाइगर रिजर्व का बफर जोन तेंदुओं और भालू की उपस्थिति के लिए जाना जाता था, लेकिन अब पिछले कुछ सालों से लगातार प्रतिवर्ष बाघों की अच्छी खासी उपस्थिति अलग-अलग क्षेत्रों में दर्ज हुई है. यहां तक कि बफर जोन क्षेत्र में बाघों के शावकों को भी देखा गया है. इससे स्पष्ट होता है कि बाघों की संख्या में यहां बढ़ोतरी हुई है. बफर जोन को शावकों के जन्म के लिए सुरक्षित क्षेत्र माना गया है.

Tags: Animals, Hoshangabad News, Local18, Madhya pradesh news, Tourist spots

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें