15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ, तब से देश को 14 प्रधानमंत्री मिल चुके हैं. इन प्रधानमंत्रियों में कुछ एक कार्यकाल रहे, कुछ ने कई कार्यकाल पूरे किए. कुछ ने कई बार शपथ ली लेकिन कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए. अगर प्रधानमंत्रियों की शपथ ग्रहण के लिहाज से देखा जाए तो हर महीने ने देश को नया या फिर से निर्वाचित प्रधानमंत्री दिया है. लेकिन दो ऐसे महीने हैं, जिसमें ना तो कभी कोई नया प्रधानमंत्री मिला और इनमें किसी ने शपथ ली.
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जनवरी – जनवरी एक ऐसा महीना है जब देश को दो प्रधानमंत्री मिले. हालांकि दोनों ही बार इस महीने में इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री के तौर पर पदभार संभाला. पहली बार 14 जनवरी 1966 के दिन जब तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की ताशकंद में मृत्यु हो गई. इसके बाद जनता पार्टी की सरकार गिरने के बाद जब देश में मध्यावधि चुनाव हुए तो इंदिरा गांधी ने 14 जनवरी 1980 को चौथी बार पीएम पद की शपथ ली.वैसे इसी महीने में गुलजारी लाल नंदा भी शास्त्री के निधन के बाद 14 दिनों के लिए दूसरी बार कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने. (wiki commons)
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फरवरी – फरवरी महीने में देश में कभी कोई नया प्रधानमंत्री देश को नहीं मिला और ना ही इस महीने में कभी ऐसा हुआ कि किसी फिर से निर्वाचित पीएम ने शपथग्रहण की हो. (wiki commons)
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मार्च – मार्च ऐसा महीना रहा, जिसमें देश को एक नया प्रधानमंत्री मिला तो तीन ऐसे प्रधानमंत्री मिले, जिन्होंने फिर प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली. 04 मार्च 1967 को चुनाव जीतने के बाद इंदिरा गांधी ने दूसरी बार ये पद संभाला तो चार साल बाद फिर जल्दी चुनाव कराकर जीत हासिल की और 15 मार्च 1971 को पीएम की गद्दी संभाली. इमर्जेंसी के बाद मोरारजी देसाई 24 मार्च 1977 को देश के नए प्रधानमंत्री बने. अटल बिहारी वाजपेयी 19 मार्च 1998 में 08 महीनों के लिए दूसरी बार पीएम बने.(wiki commons)
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अप्रैल – भारत में पहले आमचुनाव 1952 में हुए. कांग्रेस की जबरदस्त जीत के लिए जवाहरलाल नेहरू ने फिर से 15 अप्रैल प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. 17 अप्रैल 1957 वह आजाद भारत के तीसरी बार पीएम बने. 1962 में जब तीसरे आमचुनावों में फिर नेहरू की अगुवाई में कांग्रेस जीती तो उन्होंने 02 अप्रैल 1962 को पद संभाला. 21 अप्रैल 1997 में इंद्रकुमार गुजराल 11 महीनों के लिए नए प्रधानमंत्री बने. इस तरह इस महीने में देश को पांच पीएम मिले. (wiki commons)
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मई -मई में भी देश को 05 पीएम मिले. मनमोहन सिंह इसी महीने में दो बार प्रधानमंत्री बने. पहली बार 22 मई 2004 में जब कांग्रेस ने यूपीए गठबंधन की सरकार बनाई. अगले आमचुनावों में फिर 22 मई 2009 में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में यूपीए फिर सत्ता पर काबिज हुई. मौजूदा प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी भी इसी महीने में दो बार प्रधानमत्री बन चुके हैं. पहली बार 26 मई 2014 के दिन और फिर 30 मई 2014 को. हालांकि इसी महीने में अटल बिहारी वाजपेयी भी पहली बार 16 मई 1996 में प्रधानमंत्री बने थे लेकिन उनकी कुर्सी केवल 13 दिनों तक ही रह पाई. वैसे मई में ही गुलजारी लाल नंदा भी 27 मई 1964 को 12 दिनों के लिए कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने थे. (PHOTO:ANI)
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जून – जून महीने में देश को तीन प्रधानमंत्री मिले. नेहरू के निधन के बाद 09 जून 1964 लाल बहादुर शास्त्री देश के दूसरे प्रधानमंत्री बने. इसके बाद 21 जून 1991 को पीवी नरसिंहराव देश के नौवें पीएम बने थे. उन्होंने पूरे पांच साल सरकार चलाई. उसके बाद अगले चुनावों में किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला तो एच डी देवेगौड़ा 01 जून 1996 को सहमति के आधार पर प्रधानमंत्री बने. वह करीब 10 महीने तक ही पद पर रह पाए. (wiki commons)
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जुलाई – जुलाई में देश को जो प्रधानमंत्री मिला, वो इस कुर्सी पर मोरारजी देसाई के इस्तीफे के बाद बैठे जरूर लेकिन बहुमत हासिल नहीं कर पाए. उन्होंने 28 जुलाई 1979 में पीएम बने. फिर अगला आमचुनाव होने तक कुर्सी पर रहे. (wiki commons)
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अगस्त – अगस्त महीना भला कौन भूल सकता है कि इसी महीने में 1947 में देश आजाद हुआ था. तब देश को जवाहरलाल नेहरू के रूप में पहला प्रधानमंत्री मिला था. हालांकि इसके बाद अगस्त में और कोई पीएम नहीं मिला.
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सितंबर का महीना फिर ऐसा महीना है जिस महीने में आजादी के बाद करीब 76 सालों में देश को कोई प्रधानमंत्री नहीं मिला.
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अक्टूबर में देश को दो प्रधानमंत्री मिले. अक्टूबर 1984 में इंदिरा गांधी की उनके ही अंगरक्षकों के हाथों हत्या के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति जैल सिंह ने आनन फानन में उनके पुत्र राजीव गांधी को देश के नए प्रधानमंत्री की शपथ दिलाई थी. हालांकि इस दौरान वह दो महीने ही पीएम रहे. दिसंबर 1984 में आमचुनाव हुए. 13 अक्टूबर 1999 को अटलबिहारी वाजपेयी ने तीसरी बार पीएम पद की शपथ ली. (wiki commons)
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नवंबर – इस महीने में चंद्रशेखर के तौर पर देश को नया प्रधानमंत्री मिला. वह 10 नवंबर 1990 को पीएम बने लेकिन केवल 08 महीने ही कुर्सी पर रह पाए.(wiki commons)
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दिसंबर महीने में देश को दो प्रधानमंत्री मिले. 1989 में राजीव गांधी की सरकार की हार के बाद वीपी सिंह के रूप में देश में नया प्रधानमंत्री मिला. तीसरे मोर्चा के नेता बनकर उभरे वीपी सिंह ने देश के नए प्रधानमंत्री की शपथ ली. हालांकि इसी महीने में 1984 में राजीव गांधी ने साल के आखिरी दिन तब फिर पीएम पद की शपथ ली थी जब इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में जीतकर आई थी.(wiki commons)






