
नीरज कुमार/बेगूसराय. मंहगाई के इस दौर में बेरोजगारी बड़ी समस्या है. हर जगह बेरोजगारों की लंबी सूची है. मगर इनमें ऐसे भी युवा हैं जिनको मनपसंद नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने अपने पर हताशा हावी होने नहीं दिया, और आत्मनिर्भर बनने के लिए अलग राह चुनी. बिहार के बेगूसराय के रहने वाले रामप्रीत की कहानी कुछ ऐसी ही है. रामप्रीत को बिजनेस आइडिया राह चलते बजने वाले संगीत से मिला. आपको यह बात सुनकर भले ही आश्चर्य हो, लेकिन यह सच है.
दरअसल, भोजपुरी फिल्म जंग के एक गाने में बेरोजगारी में बीए की पढ़ाई करने के बाद भी मुर्गा, बकरी चराने की कहानी दिखाई गई है. फिल्म में मनोज तिवारी के एक गाने को सुनने के बाद जिले के चेरिया बरियारपुर प्रखंड के अर्जुन टोल के रहने वाले रामप्रीत वर्मा के ज़िंदगी की कहानी बदल गई.
11 लाख की लागत से शुरू किया मुर्गी पालन
बीए की पढ़ाई कर चुके रामप्रीत पिछले नौ साल से मुर्गी पालन के कारोबार से जुड़े हुए हैं. उन्हें बिजनेस आइडिया भले ही आसानी से मिल गया, लेकिन व्यापार जमाने में काफी संघर्ष करना पड़ा. शुरुआत में ग्रामीणों से कर्ज लेकर 11 लाख की लागत से मुर्गी पालन शुरू किया, लेकिन दो साल तक नुकसान होने के कारण इसे बंद करना पड़ गया. फिर कोरोना काल में लगे लॉकडाउन में आर्थिक तंगी ने रामप्रीत को सोचने पर विवश कर दिया. मन में ख्याल आया कि जब जागो तभी सवेरा, बस फिर क्या था, रामप्रीत इस व्यवसाय से एक बार फिर जुड़े ओर मेहनत के दम पर उनका सवेरा हो गया. अब उनकी गिनती बेगूसराय जिले में अच्छे मुर्गा पालकों में होती है.
40 दिन में कर लेते हैं दो लाख रुपये की कमाई
रामप्रीत वर्मा ने बताया कि 7,000 स्क्वायर फीट में वो 5,000 मुर्गी पालन कर रहे हैं. 30 से 40 दिनों में चूजा तैयार हो जाता है. इसमें लगभग नौ लाख रुपये की लागत आती है, लेकिन 40 दिन बाद बिक्री करने पर लगभग दो लाख रुपये मुनाफा हो जाता है. इस कारोबार को सुचारू रूप से चलाने के लिए चार युवाओं को भी रोजगार दिया है. इनको हर माह 10 हजार सैलरी दी जाती है.
उन्होंने कहा कि मुर्गी पालन में कुछ सावधानियां आवश्यक है, जिस पर फोकस कर न सिर्फ बेहतर कमाई की जा सकती है. वो लोगों को इस व्यवसाय से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
.
Tags: Begusarai news, Bihar News in hindi, Local18, Manoj tiwari, Success Story
FIRST PUBLISHED : June 20, 2023, 10:47 IST






