
अनूप पासवान/कोरबा. टीबी की बीमारी से लोगों को बचाने और इस बीमारी का सफाया करने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चल रहा है. भारत सरकार के द्वारा प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत नामक अभियान चलाया जा रहा है. इसके अंतर्गत साल 2025 तक देश को बीमारी से मुक्त करने की तैयारी है. जिसको लेकर कोरबा जिले में भी काम शुरू किया गया है. इसके तहत पीड़ितों को पोषण आहार देने का काम कोई भी व्यक्ति कर सकता है.
शरीर में लंबे समय तक बुखार रहने के अलावा दूसरे और भी कई कारणों से एक स्थिति ऐसी आती है. जब व्यक्ति टीबी की चपेट में आ जाता है और फिर उसके समक्ष कई समस्याएं पैदा हो जाती हैं. वजन कम होने से लेकर कमजोरी और खून की कमी इसकी मुख्य बाते है. ऐसे टीबी मरीज जो दवाई के साथ पोषक आहार लेने में सक्षम नहीं है. उन टीबी मरीजों को प्रधानमंत्री पोषण आहार योजना के तहत कोई भी व्यक्ति निक्षय मित्र बन कर उस मरीज को 6 माह तक पोषण आहार प्रदान कर सहायता कर सकता है. जिसमे आवश्यक प्रोटीन युक्त आहार सोयाबीन, दाल, गुड़, मूंगफली, तेल होना चाहिए.
आप भी कर सकते है सहयोग
वर्तमान में कोरबा जिले के स्वास्थ्य विभाग के बहुत से कर्मचारी और अधिकारी निक्षय मित्र बन कर 6 माह तक पोषण उपलब्ध करा रहे है. जिले के इछुक व्यक्ति जो स्वेच्छा से 500 रुपए प्रतिमाह का योगदान 6 माह तक करना चाहे वो जिला क्षय केंद्र में सम्पर्क कर सकते है. प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सला 2025 तक टीबी मुक्त करने का उद्देश्य रखा गया है.
स्वास्थ्य विभाग के द्वारा सरकार से प्राप्त निर्देश के परिपालन में कोरबा जिले में भी इस अभियान को प्रारंभ कर दिया गया है और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है. जनसाधारण से आग्रह किया गया है कि अपने जिन्हें प्रदेश और देश से टीबी का सफाया करने के लिए वह अपनी भागीदारी इस अभियान में जरूर दर्ज कराएं.
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FIRST PUBLISHED : June 20, 2023, 10:47 IST






