इंदौर में खूब बिक रहा साबुत काला और सेंधा नमक, जानिए वजह

मेघा उपाध्याय/इंदौर. इंदौर में इन दिनों पंजाब और हरियाणा से कई नमक के विक्रेता आकर बस गए हैं, जो काला और सेंधा नमक बेच रहे हैं. इन्होंने सड़क के किनारों पर ही अपनी गाड़ियां लगाई है, जिसमें पत्थर के आकार में दोनों तरह के देसी नमक उपलब्ध है. उनका कहना है कि यह नमक सेहत के लिए सफेद नमक के मुकाबले ज्यादा अच्छे होते हैं और इसका सेवन आजीवन बीमारियों से मुक्त रखता है. नमक की कीमत 40 रुपए प्रति किलो है और यह बिना किसी मिलावट से बना शुद्ध देसी नमक होता है.

आज के समय में डायटीशियन और डॉक्टर वजन कम करने के लिए सफेद रेगुलर नमक को त्याग कर इसी काले और सेंधा नमक के इस्तेमाल का सुझाव देते हैं. साथ ही काला नमक अनेमिया जैसी बीमारियों में बहुत ही अच्छा काम करता है. इसके अलावा यह उपवास और पूजा पाठ के लिए बने आहारों में भी इस्तेमाल किया जाता है. यह नमक आयुर्वेदिक दवाइयों में भी इस्तेमाल किया जाता है. आयुर्वेदिक नुस्खों के अनुसार अगर किसी व्यक्ति को पेट में गैस की समस्या हो तो अजवाइन में काला नमक मिलाकर उसे पानी में घोलकर पीने से कब्ज से आराम मिलती है.

कैसे करें काले नमक और सेंधे नमक की पहचान
अगर आप मार्केट से काला नमक खरीद रहे हैं तो आपको एक बात ध्यान रखना है कि अगर यह साबुत है तो इसका रंग हमेशा काला या गहरा कत्थई होगा और जब आप इसे पीस लेंगे तो इसका रंग गुलाबी हो जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि काले नमक में सोडियम सल्फाइड मौजूद रहता है. लेकिन काला नमक खरीदते समय आपको बहुत ही ध्यान देना होगा, क्योंकि सफेद नमक में ही रंग और कोयला लपेटकर आपको काला नमक बताकर बेचा जा रहा है. जो फायदा करने की बजाय आपकी सेहत को नुकसान ही पहुंचाएगा. तो हमेशा पैकेट्स में खरीदने के बजाय पत्थर के रूप में काला नमक खरीदें जोकि पूरी तरह से सेफ ऑप्शन है.

वहीं दूसरी तरफ जो सेंधा नमक होता है वह सफेद नमक के मुकाबले कम चमकीला होता है. साथ ही उसका टेक्सचर हाथों से फिसलने जैसा होता है. स्वाद में भी काफी अंतर होता है. अक्सर ज्यादा समय तक इन्हें रखने पर इनकी गांठे वापस पत्थर के रूप में बन जाती है जो कि सफेद नमक में होना बिल्कुल भी मुमकिन नहीं है.

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Author: Jagran Times

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