राजस्थान के इस स्कूल में अनाथ बच्चों को दी जाती है निशुल्क शिक्षा, इन्हें फीस में मिलती है 25% छूट


 मोहित शर्मा/ करौली. जहां एक और आए दिन शिक्षण संस्थाओं पर व्यवसायकरण के आरोप लगते हैं तो वहीं राजस्थान के करौली की गांधी एकेडमी क्षेत्र की एक बड़ी निजी शैक्षणिक संस्थान होने के बावजूद भी शिक्षा के क्षेत्र में एक अनूठी पहल कायम कर रही है. जिले की हिंडौन सिटी में स्थित और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े शिक्षण संस्थाओं में शुमार गांधी एकेडमी कोरोनाकाल के बाद से ही बिन माता-पिता के बच्चों और जरूरतमंद बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा सहित कई प्रकार की शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराकर क्षेत्र के प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं के लिए तो एक मिसाल पेश तो कर ही रही है. बल्कि जरूरतमंद बच्चों के लिए भी नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराकर उनके लिए मददगार साबित हो रही है. बिन माता-पिता के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ यह एकेडमी बालिका शिक्षा को भी बढ़ावा देने के लिए छात्राओं को फीस में 25% तक छूट देती है.

गांधी एकेडमी में शिक्षा ग्रहण करने वाली 12th आर्ट की स्टूडेंट तनु कटारा ने बताया कि हमारे इस स्कूल में छात्राओं के लिए फीस में 25% तक डिस्काउंट दिया जाता है. इसके साथ ही गांधी एकेडमी में किताब सहित कई सुविधाएं भी फ्री उपलब्ध कराई जाती है. एकेडमी की इस पहल से मुझे और मेरी बहन को बहुत ही लाभ मिला है.

वहीं दूसरी ओर गांधी एकेडमी की छात्रा माधुरी छिपी का कहना है कि मैं गांधी एकेडमी की छात्रा हूं. हमारी एकेडमी के डायरेक्टर सर का नाम धीरेन चौधरी है. जिनकी मदद से आज मेरा शिक्षण शुल्क फ्री है. यहां पर जिन बच्चों की आर्थिक स्थिति कमजोर और जिन बच्चों के माता-पिता नहीं होते उन्हें यहां पर फ्री में शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है.

अपने आप में अलग है गांधी एकेडमी
गांधी एकेडमी के डायरेक्टर धीरेंद्र चौधरी का कहना है कि गांधी विद्यालय अपने आप में एक अलग तरह का विद्यालय है. हमारी इस एकेडमी में समाज के ऐसे बच्चे जिनके ऊपर से माता पिता का साया उठ गया है. ऐसे बच्चों के लिए हमारी एकेडमी 100% शिक्षा नि:शुल्क उपलब्ध कराती है. उनका कहना है कि हमारी इस एकेडमी द्वारा जरूरतमंद बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने का जिम्मा कोरोना काल से उठाया गया है.

एकेडमी के डायरेक्टर धीरेंद्र चौधरी ने बताया कि जिन बच्चों के सिर पर से पिता का साया उठ गया है. घर में कोई कमाने वाला नहीं है. उन बच्चों के लिए भी हमारी एकेडमी द्वारा फीस में 50% छूट दी जाती है. वह बताते है कि खासकर हमारे विद्यालय परिवार द्वारा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम कोरोना का काल में उठाया गया है. हमारी एकेडमी क्षेत्र का पहला ऐसा विद्यालय है जहां पर बालिकाओं को फीस में 25% डिस्काउंट के कई प्रकार की शैक्षणिक सुविधाएं भी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती है.

जरूरतमंद बच्चे उठा सकते हैं लाभ
गांधी एकेडमी के डायरेक्टर धीरेन चौधरी का कहना है कि बच्चियों की शिक्षा के लिए यदि आवश्यकता है तो हमारी एकेडमी में आकर संपर्क करें. ऐसे बच्चे भी जिनके माता-पिता नहीं है वह बच्चे भी गांधी एकेडमी में आकर नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं.

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Author: Jagran Times

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