VTR News: कभी देखा अंडों से निकलते घड़ियाल के बच्चों को! WTI ने गंडक नदी में छोड़े 125 बच्चे


आशीष कुमार/पश्चिम चम्पारण. वर्ल्ड क्रोकोडाइल डे (World Crocodile Day) हर साल 17 जून को मनाया जाता है. इस मौके पर वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की तरफ से वीटीआर में एक खास कार्यक्रम किया गया. दरअसल वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से बहने वाली गंडक नदी में डब्ल्यूटीआई की तरफ से 125 घड़ियाल के बच्चों को छोड़ा गया. डब्ल्यूटीआई के घड़ियाल संरक्षण प्रोजेक्ट इंचार्ज सुब्रत बेहरा ने बताया कि इस साल नदी में घड़ियालों के 9 घोंसले पाए गए. इनमें आठ घोंसले पश्चिम चंपारण में, तो एक उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में मिला है.

सुब्रत बेहरा के अनुसार, अंडों में बच्चों की अवस्था पूरी होने के बाद वो बाहर आने के लिए एक खास आवाज निकालते हैं, जिसे ‘मदर कॉल’ (अंडों से बच्चों की पुकार) कहा जाता है. इसे सुनकर मादा घड़ियाल बजरी में दबे अंडों को पंजों से खोदकर निकालती हैं. घोंसलों से अंडों को बाहर निकालने के बाद मादा उन्हें पंजों से फोड़ती है. समझने वाली बात यह है कि मादा घड़ियाल 30 से 40 सेमी गहरा गड्‌ढा खोदकर एक बार में 50 से 70 तक अंडे देती हैं, जिनसे 60 से 80 दिनों में बच्चे बाहर निकलते हैं. वहीं, कुशीनगर वन प्रमंडल के तमकुही वन क्षेत्र में घड़ियाल का घोंसला मिलने पर कुशीनगर के डीएफओ अनिल कुमार श्रीवास्तव ने खुशी जताई है. साथ ही संरक्षण में हर संभव सहायता की बात की है. जहां तक बात वीटीआर की है, तो वीटीआर के क्षेत्र निदेशक डॉ. के नेशामणि ने बताया कि इतनी संख्या में घोंसलों का मिलना गंडक में घड़ियालों के संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर है.

चंबल के बाद गंडक बना घड़ियालों का बड़ा आशियाना
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016 में वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (WTI) ने नदी में पहली बार घड़ियालों का प्रजनन दर्ज किया था. उसके बाद करीब हर साल यहां घड़ियाल के घोंसले देखे गए हैं. खास बात यह है कि घड़ियालों की जनसंख्या के मामले में गंडक नदी का नाम चंबल के बाद दूसरे स्थान पर आता है. गौरतलब है कि 80 फीसदी घड़ियाल चंबल और उसकी सहायक नदी पार्वती में रहते हैं.

70 वर्षों का होता है जीवनकाल
एक्सपर्ट की मानें तो घड़ियाल करीब 70 साल तक जीवित रहते हैं. यह मगरमच्छ जैसा ही एक जीव है, लेकिन कुछ विशेषताओं की वजह से यह मगरमच्छों की तुलना में कुछ अलग होते हैं. उम्र बढ़ने के साथ ही घड़ियाल के मुंह पर घड़ेनुमा आकृति बन जाती है, इसीलिए इसे घड़ियाल कहते हैं.

Tags: Champaran news, Crocodile, Local18, Wildlife news in hindi

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Author: Jagran Times

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