
आदित्य कृष्ण/अमेठी. इसे विभागीय लापरवाही कहें या जिम्मेदारों की उदासीनता लेकिन बात सोलह आने सच है किसान को भले ही देश का अन्नदाता कहा जाता हो लेकिन अमेठी का किसान बेहद परेशान है. यहां जनपद में आवारा पशु किसानों के लिए सिरदर्द बने हैं. कई बार की शिकायत के बावजूद भी आवारा पशुओं की समस्या से निजात नहीं मिल रही है. ऐसे किसानों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है.
अमेठी जनपद में वर्तमान समय में किसान धान की फसल तैयार करने के लिए खेतों में बेरन तैयार कर रहे हैं. ऐसे में किसानों की वेरन नहीं बच पा रही है. भारी-भरकम तामझाम के बाद भी किसानों को सिर्फ और सिर्फ मायूसी के आंसू बहाने पड़ रहे है. किसान कि सभी व्यवस्थाओं के बावजूद भी आवारा पशु खेतों में घुस जाते हैं और बेरन को नष्ट कर दे रहे हैं. हर सीजन की फसल के दौरान आवारा पशु किसानों के लिए बड़ी समस्या बनकर सामने आ रहे हैं. गांव में बनी गौशाला भी अव्यवस्थाओं का शिकार है. गौशाला में भी आवारा पशुओं को विभाग द्वारा पहुंचाने का दावा सिर्फ और सिर्फ हवा हवाई है.
किसानों की सुनिए
अमेठी ब्लाक के रहने वाले किसान राम हरख ने कहा कि आवारा पशुओं से बहुत बड़ी समस्या है. शिकायत के बावजूद भी इन्हें ना तो पकड़ा जाता है ना उनके लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं. जब हम सब गौशाला में आवारा पशु ले जाते हैं तो हम सब से पैसों की डिमांड की जाती है. कई बार इसके लिए शिकायत की गई लेकिन उसके बाद भी समस्या का निदान नहीं हो रहा.
जिम्मेदारों ने किया किनारा
वहीं बड़ी समस्या पर जब मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कैमरे पर बोलने से इंकार कर दिया. उनका कहना है कि आवारा पशु को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है. यदि कहीं कोई समस्या है तो किसान संबंधित गांव से लिखित शिकायत विभाग को दे. विभागसमस्या का निस्तारण करेगा.
.
FIRST PUBLISHED : June 17, 2023, 19:17 IST






