
अंकित कुमार सिंह/सीवान: बिहार के सीवान में इंसान और बंदर की दोस्ती चर्चा का विषय बन गई है. लोग इसकी प्रशंसा भी कर रहे हैं. आखिर प्रशंसा हो भी क्यों न, बात इंसान और बंदर के बीच की अनोखी दोस्ती की जो है. यह दोस्ती ऐसे ही कायम नहीं हो गई. बंदर भी इंसान का मुरीद हुआ है तो उसके पीछे भी बहुत बड़ी वजह है. दरअसल, जिले के दरौंदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत धनौती गांव के बगीचे में एक बंदर गर्मी से परेशान होकर जमीन पर बेसुध पड़ा हुआ था. इसके बाद पूजारी को जानकारी मिली तो उन्होंने बंदर का जान बचा लिया.
पुजारी ने बंदर की बचाई जान
स्थानीय ग्रामीणों ने बेसुध पड़े बंदर को देखा तो लगा कि बंदर गर्मी के वजह से मर गया है. कुछ ही देर के बाद यह पूरे गांव में इस बात की चर्चा फैल गई. ग्रामीण बंदर को देखने के लिए पहुंचने लगे. बंदर के बेसुध पड़े रहने रहने की जानकारी गांव के पुजारी विक्रम को मिली.
पुजारी बंदर के पास गया तो देखा कि बंदर मृत नहीं बल्कि बेसुध पड़ा था. जिसके बाद पुजारी बंदर पर पानी डाला और उनके मुंह पर पानी लगाया. थोड़ी देर बाद बंदर उठकर बैठ गया. वहीं बंदर को पानी, रोटी और आम दिया गया और आराम करने के लिए खाट पर सुलाया गया. तकरीबन दो-तीन घंटे बाद बंदर को आराम मिला और बंदर पूरी तरह से स्वस्थ हो गया.
जान बचाने वाले का भक्त हो गया बंदर
बंदर को आराम मिलने के बाद वह पुजारी के पास ही रहने लगा है. पुजारी का हर एक बात मानता है.लोगों की माने तो जान बचाने के बाद से बंदर पुजारी का भक्त हो गया है. वहीं लोगों ने कहा कि पुजारी जी ने भी मानवता का मिसाल पेश करते हुए बंदर को बचाया और उसकी सेवा की है. इसके बाद बंदर से उनकी दोस्ती कायम हो गई. यही वजह है कि बंदर अब उनका मुरीद हो चुका है. बंदर और इंसान की इस अटूट प्रेम की लोग प्रशंसा भी कर रहे हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 17, 2023, 17:45 IST






