मजारों पर बवाल: भोपाल में सरकारी जमीन पर बने ढांचे, कोई नहीं जानता किसने कर दिया निर्माण

भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मजारों को लेकर जोरदार विरोध शुरू हो गया है. यहां कंस्ट्रक्शन के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र कलियासोत डैम के कैचमेंट एरिया में मजारें बन गई हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि ये जमीन सरकार की है और किसी भी अधिकारी को मजारें बनने की भनक तक नहीं लगी. शासन-प्रशासन के बात इस बात का कोई जवाब नहीं है कि मजारें कब और कैसे बनीं. मामला उछलने के बाद अब कलेक्टर आशीष सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं.

गौरतलब है कि ये अवैध मजारें खुशीलाल आयुर्वेदिक कॉलेज से आगे सरकारी जमीन पर बनी हैं. कुछ लोगों ने यहां एक, दो नहीं, बल्कि 4 से ज्यादा अवैध मजारें बना दी हैं. इस मामले में कॉलेज के प्रिंसिपल उमेश कुमार शुक्ला ने कहा कि 4 साल पहले भी कुछ इसी तरह की मजारें बनाई गई थीं. उस वक्त भी इसकी शिकायत शासन-प्रशासन से की गई थी. उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद ये मजारें हटा ली गई थीं. लेकिन, अभी फिर यह मजारें बना दी गई हैं. यह कैसे बनी, किसने बनाई इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि इस जगह पर फार्मेसी इंस्टीट्यूट बनाया जाना है, यह पूरी तरह सरकार की जमीन है.

इस तरह सामने आया मामला
गौरतलब है कि, यह मामला उस वक्त सामने आया जब कुछ स्थानीय लोगों ने इस जमीन पर मजार जैसा स्ट्रक्चर बना देखा. उन्होंने अपने स्तर पर इसकी शिकायत की. उसके बाद खुशीलाल आयुर्वेदिक कॉलेज के स्टाफ ने भी प्रशासन को इसकी शिकायत की. इस बात की सच्चाई का पता करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. इसके बाद यह शिकायत किसी तरह कलेक्टर तक भी पहुंच गई.

जमीन कब्जाने की कोशिश
बता दें, भोपाल के कलियासोत बांध के पास बनी इन मजारों के आसपास आम लोगों आवाजाही न के बराबर है. ऐसे में यहां मजार बनाने का कोई औचित्य नहीं है. दावा किया जा रहा है कि जमीन कब्जाने के लिए अवैध रूप से इन मजारों का निर्माण किया गया है. बताया जा रहा है कि कलियासोत बांध के पास जमीनों को इसी तरह धीरे-धीरे कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है.

Tags: Bhopal news, Mp news

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More