ना मेट्रो, ना रैपिडएक्स ग्रेटर नोएडा से जेवर एयरपोर्ट तक चलेगी ‘मोनो रेल’! कम खर्च में शानदार सफर की तैयारी

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हाइलाइट्स

मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का बजट महंगा होने का कारण यूपी सरकार ने अन्य विकल्प खोजे.
मोनो रेल में मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट की तुलना में कम लागत लगती है.
प्रति किलोमीटर मोनो रेल चलाने का बजट 70 करोड़ रुपये आता है.

नई दिल्ली. नोएडा में जेवर एयरपोर्ट से परी चौक तक मोनो रेल चलाई जाने की योजना है. इससे परी चौक से नोए़डा इंटरनेशन एयरपोर्ट तक पहुंचने में कम समय लगेगा. हालांकि, पहले इसे मेट्रो कॉरिडोर से जोड़ने की योजना थी लेकिन लागत अधिक होने की वजह से उत्तर प्रदेश सरकार ने अन्य विकल्प पर विचार करते हुए मोनो रेल चलाने का फैसला लिया गया.

मोनो रेल प्रोजेक्ट की फिजिबिलिटी रिपोर्ट स्विस कंपनी बनवाई जाएगी और 2 महीने के अंदर बनकर तैयार हो जाएगी. जेवर एयरपोर्ट से ग्रेटर नोएडा की दूरी करीब 32 किलोमीटर है. मौजूदा प्लान के अनुसार, मोनो रेल यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे चलाई जाएगी और इसके लिए जमीन पहले से उपलब्ध है. बुधवार को उत्तर प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी डीएस मिश्रा ने लखनऊ में एक बैठक के दौरान यह जानकारी दी.

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अंतिम फैसला फिजिबिलिटी रिपोर्ट आने के बाद
यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी के सीईओ अरुण वीर सिंह ने कहा, “चूंकि मेट्रो कॉरिडोर प्रोजेक्ट बहुत महंगा है इसलिए यूपी सरकार अनय विकल्पों को तलाश रही है और मोनो रेल उनमें से एक अच्छा ऑप्शन है. हालांकि, इस पर अंतिम फैसला फिसिबिलिटी रिपोर्ट आने के बाद लिया जाएगा.”

चूंकि पहले नोएडा एयरपोर्ट को नई दिल्ली स्टेशन से मेट्रो कॉरिडोर के जरिए कनेक्ट करने की प्लानिंग थी, लेकिन इस प्रोजेक्ट की लागत बहुत ज्यादा थी इसलिए इस पर विचार करना पड़ा. टीओई की खबर के अनुसार, प्रति किलोमीटर मोनो रेल चलाने का बजट 70 करोड़, रैपिडएक्स लाइन के लिए 250 करोड़ और मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए 350 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर है, इसलिए मोनो रेल सस्ता विकल्प है.

मोनो रेल की खासियतें
दरअसल मोनो रेल ऐसी ट्रेन है, जो रेलवे लाइन पर नहीं दौड़ती है बल्कि इसे बीम के सहारे चलाया जाता है. खास बात है कि इसका रूट एलीवेटेड होता है इसलिए एक्सीडेंट की संभावना नहीं रहती है. वहीं, मोनो रेल के अंदर बैठने वाले यात्रियों को बाहर का शोर नहीं सुनाई देता है. यह पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त ट्रेन है.फिलहाल, मोनो रेल परियोजना और रैपिडएक्स के लिए रूट तैयार नहीं हुआ है.

हालांकि, दिल्ली से मेरठ के बीच में 82 किलोमीटर का रैपिड रेल तैयार हो रहा है और इसमें से गाजियाबाद में साहिबाबाद और दुहाई के बीच कॉरिडोर का 17 किलोमीटर का रूट जल्द शुरू हो जाएगा.

Tags: CM Yogi Aditya Nath, Greater Noida Authority, Lucknow Metro, Metro project

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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