Ramanand Sagar Son Prem Reacts on Adipurush: प्रभास, कृति सैनन, सनी सिंह, देवदत्त नाग और सैफ अली खान स्टारर ‘आदिपुरुष’ बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हो चुकी है. ‘आदिपुरुष’ को ओम राउत ने डायरेक्ट किया है. फिल्म रिलीज होने के बाद से इसकी काफी आलोचना हो रही है. ऑडियंस से लेकर क्रिटिक्स तक, फिल्म के डायलॉग्स, वीएफएक्स और अदाकारी पर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
01

रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर ने ‘आदिपुरुष’ में भारतीय महाकाव्य ‘रामायण’ की गलत व्याख्या पर नाखुशी जाहिर की है. प्रेम सागर ने कहा कि डायरेक्टर ने तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की है. उन्होंने फिल्म के डायलॉग्स पर भी आपत्ति जताई है. (फोटो साभारः Twitter)
02

प्रेम सागर ने एक इंटरव्यू में कि उन्होंने फिल्म नहीं देखी है, लेकिन उन्होंने टीज़र और ट्रेलर देखा है. जब प्रेम सागर को ‘टपोरी’ स्टाइल के डायलॉग ‘तेल तेरे बाप का, जलेगी तेरे बाप की’ के बारे में बताया गया, तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि ओम राउत ने ‘आदिपुरुष’ के माध्यम से चमत्कार बनाने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि उनके पिता रामानंद सागर ने भी ‘रामायण’ बनाते वक्त क्रिएटिव फ्रीडम का इस्तेमाल किया. (फोटो साभारः Twitter)
03

प्रेम सागर ने कहा कि पिताजी श्रीराम को भगवान की ही तरह समझा. कई ग्रंथों को पढ़ने के बाद उन्होंने इसमें छोटे-मोटे बदलाव किए लेकिन कभी भी तथ्यों से छेड़छाड़ करने की कोशिश नहीं की. रावण के रूप में सैफ अली खान के डार्क लुक पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रेम सागर ने कहा कि रावण बहुत विद्वान और ज्ञानी व्यक्ति था और उसे खलनायक के रूप में पेश नहीं किया जा सकता है. (फोटो साभारः Twitter)
04

प्रेम सागर ने कहा कि ग्रंथों के अनुसार, रावण ने इतनी तबाही इसलिए मचाई क्योंकि वह जानता था कि वह भगवान राम के हाथों ही मोक्ष प्राप्त कर सकता है. शास्त्रों में यह भी लिखा है कि भगवान राम स्वयं रावण को बड़ा विद्वान मानते थे. जब रावण मरने वाला था, तब भगवान राम ने अपने छोटे भाई लक्ष्मण को रावण के चरणों में जाने और उससे सीखने के लिए भेजा. (फोटो साभारः Twitter)
05

प्रेम सागर ने कहा, “रावण की ऐसी स्थिति थी. आप क्रिएटिव फ्रीडम के नाम पर रावण को खूंखार खलनायक के रूप में पेश नहीं कर सकते.” जब प्रेम सागर को बताया गया कि ‘आदिपुरुष’ को आज की पीढ़ी को ध्यान में रखकर बनाया गया है तो उन्होंने कहा, ‘अगर आपने आज की रामायण बनाई है तो उसे ब्रीच कैंडी और कोलाबा में दिखाइए, इसे दुनिया भर में मत दिखाइए और लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाइए.” (फोटो साभारः Twitter)
06

प्रेम सागर ने कहा कि कृत्तिवासी और एकनाथ सहित कई लोगों ने रामायण लिखी लेकिन किसी ने तथ्य नहीं बदले. केवल रंग और भाषा बदली गई थी. लेकिन ‘आदिपुरुष’ में सारे तथ्य बदल गए हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वह रामायण पर वेब सीरीज या फिल्म बनाने के बारे में सोच रहे हैं तो प्रेम सागर ने कहा, ‘पिता जी ने कहा था, “85 साल तक ऐसी रामायण कोई नहीं बना पाएगा. उन्होंने लोगों को मर्यादा पुरुषोत्तम की कहानी सुनाई और चले गए.” (फोटो साभारः Twitter)






