सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के जंगल सफारी में आसानी से दिख रहे बाघ और भालू, पर्यटक रोमांचित


दुर्गेश सिंह राजपूत/नर्मदापुरम. मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिला स्थित सतपुड़ा टाइगर रिजर्व यानी एसटीआर के कोर एवं बफर में जोन में इन दिनों बाघों और भालुओं का मूवमेंट बना हुआ है, जिसके चलते यहां आने वाले सैलानियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है. जंगल सफारी करने पहुंचे पर्यटकों को बाघ अपने एरिया की निशानदेही करते हुए नजर आया, जिसे उन्होंने अपने कैमरे में कैद कर लिया.

डिप्टी रेंजर ने बताया कि एसटीआर में काफी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं. जंगल सफारी करने गए पर्यटकों को बाघ के दीदार हुए. पर्यटकों ने बताया कि बाघ घने जंगल के बीच बने तालाब के पास दिखाई दिया. वो गर्मी से राहत पाने के लिए पानी में बैठा हुआ था. साथ ही, वो सफारी जिप्सी के सामने भी कुछ देर तक चहलकदमी करता रहा. इसका वीडियो हमलोगों ने अपने कैमरे मैं कैद किया.

वन अधिकारी के मुताबिक जंगल के अंदर हर बाघ का अपना इलाका सुनिश्चित होता है. दूसरा बाघ उस क्षेत्र में एंट्री ना करे, इसके लिए बाघ वृक्षों पर अपने पंजे की खरोंच एवं मूत्र छिड़काव कर अपना एरिया सुनिश्चित करता है.

बाघ और भालुओं को देख सैलानी हो रहे रोमांचित 

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में वन्य प्राणी गणना के अनुसार बाघों की संख्या 60 के लगभग है. नए शावकों के जन्म लेने के साथ ही यह संख्या और बढ़ रही है. पिछले दिनों यहां तीन भालू भी तफरीह करते नजर आए. एसटीआर घूमने आने वाले पर्यटक  सफारी का आनंद ले रहे हैं. टाइगर और भालू आसानी से दिखने से यहां सैलानियों के बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.

पर्यटक नरेंद्र कुशवाहा ने बताया कि हम परिवार के साथ जंगल सफारी पर गये थे. अचानक हमारी जिप्सी के सामने बाघ आया और अपनी मस्तानी चाल से चलते हुए पानी के तालाब के पास गया और पानी पीने के बाद गर्मी से राहत पाने के लिए तालाब के पानी में जा कर बैठ गया. हमने अपने मोबाइल से इसका वीडियो बनाया है.

कई और वन्य जीवों का हो रहा दीदार

एसटीआर के डिप्टी डायरेक्टर संदीप फ़ेलोज ने बताया कि जंगल में वन्य प्राणियों के लिए सभी व्यवस्था की गई है. पानी के लिए इस बार और कुछ तालाब बनाए गए हैं. इसके कारण पर्यटकों को इनके आस-पास वन्य प्राणी ज्यादा दिखाई दे रहे हैं. सैलानियों को जल स्रोतों के पास टाइगर, भालू, बारहसिंगा, जंगली भैंसा (गौर) के साथ ही अन्य वन्य जीवों को आसानी से दिख जा रहे हैं.

Tags: Hoshangabad News, Local18, Mp news, Tiger reserve

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More

उत्तर प्रदेश के बांदा निवासी 9 वर्षीय पुत्र ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया 2 मिनट में 200 देश के झंडे पहचान कर बताने वाला पार्थ झा नमक बच्चों ने इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है माता-पिता वर्तमान में मुंबई में रहते हैं डॉक्टर जे विक्रम चाइल्ड स्पेशलिस्ट चाइल्ड केयर नर्सिंग होम के मालिक मामा है मामा जी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि उनका भांजा पार्थ झा ने 2 मिनट में 200 देश के फ्लैग पहचान कर बताने में महारत हासिल की है महाराष्ट्र राज्य में स्थित संस्था ने गोल्ड मेडल और एक प्रमाण पत्र दिया है इस वक्त उसका नाम इंटरनेशनल बुक ऑफ़ रिकार्ड्स मैं दर्ज किया गया है भांजा और बहन पार्थझा मां जयश्री पिता अशोक झा बांदा के रहने वाले हैं हालांकि इसमें कोई शक नहीं है इतनी कम उम्र में 200 देश के झंडों का पहचान करना यह एक चमत्कार ही है दिमाग इस बच्चे का कंप्यूटर की तरह कार्य कर रहा है बांदा का लाल मुंबई में रहकर नाम पैदा कर रहा है सिर्फ बांदा भर का नहीं पूरे विश्व में भारत का नाम ऊंचा किया