मैं अश्विन को बाहर रखने के फैसले को पचा नहीं पा रहा हूं, मैच में बने रहने के लिए पहली पारी में … सचिन ने बताई हार की वजह

हाइलाइट्स

भारत को ऑस्ट्रेलिया ने 209 रन से पराजित किया
सचिन ने अश्विन के बाहर रखने के फैसले को लेकर उठाए सवाल
तेंदुलकर ने बताया कि टीम इंडिया से कहां चूक हुई है

नई दिल्ली. क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar)  ने बताया है कि आखिर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल में भारत से कहां चूक हुई है. द ओवल में खेले गए फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत (India vs Australia) को 209 रन से हराकर उसके ट्रॉफी जीतने के मंसूबों पर पानी फेर दिया.सचिन ने अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलने को चौंकाने वाला फैसला करार देते हुए कहा है कि उनकी क्षमता के स्पिनर को प्रभावी होने के लिए अनुकूल परिस्थितियों की जरूरत नहीं होती है.

‘पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाना चाहिए था’
भारत के मुख्य कोच राहुल द्रविड ने टीम में अश्विन को जगह नहीं देने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि बारिश की स्थिति ने उन्हें चौथे विशेषज्ञ तेज गेंदबाज को चुनने के लिए मजबूर किया. तेंदुलकर ने रविवार को ट्वीट किया, ‘भारत को मैच में बने रहने के लिए पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करना था, लेकिन वे ऐसा नहीं कर सके. भारतीय टीम के लिए कुछ अच्छे क्षण थे, लेकिन मैं अश्विन को अंतिम एकादश में शामिल नहीं करने के फैसले को पचा नहीं पा रहा हूं. वह इस समय दुनिया का नंबर एक टेस्ट गेंदबाज है.’

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सचिन ने किया ट्वीट

‘कुशल स्पिनर हमेशा पिच से मिलने पर मदद के भरोसे नहीं रहता’
तेंदुलकर को इस तर्क से हैरानी हुई कि अश्विन जैसी क्षमता वाले गेंदबाज को तेज गेंदबाजों के अनुकूल परिस्थितियों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है, वह भी तब जब इस ऑस्ट्रेलियाई टीम में बाएं हाथ के कई बल्लेबाज हैं. उन्होंने कहा, ‘मैंने मैच से पहले ही कहा था कि कुशल स्पिनर हमेशा पिच से मिलने पर मदद के भरोसे नहीं रहता. वे हवा, पिच की उछाल और अपनी विविधताओं का इस्तेमाल करता है. यह नहीं भूलना चाहिए कि ऑस्ट्रेलिया के पास शीर्ष आठ में बाएं हाथ के पांच बल्लेबाज थे.  अश्विन ने डब्ल्यूटीसी के दूसरे सत्र के दो साल के चक्र में 13 टेस्ट में 61 विकेट लिए हैं.

Tags: India vs Australia, Sachin tendulkar, WTC Final

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Author: Jagran Times

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