Karauli : कोई भी समस्या होने पर यहां के लोग व्हाट्सऐप ग्रुप में डालते हैं मैसेज, हो जाता है समाधान


 मोहित शर्मा/ करौली. कुछ लोग ऐसे होते हैं जो जमाने के साथ-साथ कुछ नया तो करते ही हैं और फिर अपनी उसी नई तरकीब से बहुत कुछ कर भी दिखाते हैं. कुछ ऐसा ही नया किया है राजस्थान के करौली की तहसील सूरौठ के युवा उपसरपंच ने. जिन्होंने करीब 1 साल पहले डिजिटल युग के महत्व को समझते हुए सोशल मीडिया के जरिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया और फिर उसी व्हाट्सएप ग्रुप में अपनी तहसील और जिले के कई बड़े अधिकारियों से लेकर कई सरकारी विभागों के कर्मचारियों को जोड़ दिया. इसका नतीजा आज युवा उपसरपंच द्वारा जमाने के साथ अपनाई गई यहीं नई तरकीब रंग लाने भी लगी है. तहसील सूरौठ के कई स्थानीय लोगों के अनुसार उनकी कई छोटी-मोटी समस्या से लेकर कई बड़ी परेशानियों का हल उन्हें आज इधर-उधर ना भटकते हुए पुलिस, पब्लिक, प्रशासन व्हाट्सएप ग्रुप से मिल रहा है.

केस नंबर एक : 3 साल से दर-दर की ठोकर खा रही विधवा महिला को, 5 मिनट में मिला समस्या से समाधान
विधवा महिला के देवर सूरौठ तहसील के निवासी भूर सिंह सैनी ने बताया कि उनके बड़े भाई की 3 साल पहले जयपुर में मौत हो गई थी. जिसके बाद उसकी विधवा भाभी डेथ क्लेम राशि से मिलने वाले पैसे के लिए जिले के श्रम विभाग के चक्कर काट – काट कर परेशान हो गई. तब हमने इस ग्रुप में अपनी परेशानी डाली तों हमारी इस समस्या का ग्रुप में मिले संदेश पर जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने तत्काल ग्रुप से हमारी इस समस्या का हल 5 मिनट में ही करवा दिया.

स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले 1 साल में इस ग्रुप के माध्यम से उन्हें कई समस्याओं से छुटकारा युवा उपसरपंच द्वारा बनाए गए पुलिस, पब्लिक, प्रशासन ग्रुप से मिला है.

सूरौठ तहसील के उपसरपंच श्याम सुंदर सैनी का कहना है कि इस ग्रुप का ख्याल मुझे तब आया जब मैं एक प्रतिनिधि होने के रूप में आमजन की समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा करता था. फिर मैंने सोचा कि क्यों ना आमजन और जिला प्रशासन को एक कड़ी में जोड़ा जाए. उसी सोच से फिर मैंने पुलिस, पब्लिक, प्रशासन व्हाट्सएप ग्रुप तैयार किया. जिसके माध्यम से आज हमारी सूरौठ तहसील के कई लोगों की मूलभूत समस्याओं से लेकर बड़ी समस्याओं का निस्तारण जिला प्रशासन की मदद से हुआ है.

युवा उपसरपंच का कहना है कि जब बिना किसी खर्चे और परेशानी से आमजन की समस्या का निस्तारण करवाया जा सकता है. तो सरकार को भी इसी प्रकार के ग्रुप अपनी निगरानी में बनवाने चाहिए. ताकि आमजन के बीच एक अच्छी चैन भी स्थापित होगी जो आमजन की नजरों में एक सकारात्मक भाव भी पैदा करेगा.

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FIRST PUBLISHED : June 11, 2023, 12:47 IST

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Author: Jagran Times

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