
अंकित कुमार सिंह/सीवान. बिहार के सीवान में अब फ्लैट और जमीन की रजिस्ट्री में आधार का वेरिफिकेशन और लिंक कराना जरूरी कर दिया गया है. 1 जुलाई से यह व्यवस्था जिले के सभी 6 निबंधन कार्यालय में लागू कर दी जाएगी. इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गयी है. निबंधन विभाग ने जुलाई से रजिस्ट्री में आधार वेरिफिकेशन को लागू करने आदेश दिया है.अब क्रेता व विक्रेता दोनों का आधार वेरिफिकेशन होगा, उसके बाद जमीन की रजिस्ट्री संभव हो पाएगी.
कहा जा रहा है कि इससे फर्जी रजिस्ट्री पर रोक लगेगी और किसी भी प्रॉपर्टी को छिपाना संभव नहीं हो पाएगा. वर्तमान में जमीन, मकान या फ्लैट आदि रजिस्ट्री में क्रेता और विक्रेता का आधार और मोबाइल नंबर डीड पर तो अंकित किया जाता है,लेकिन उसका डिजिटल उपयोग नहीं किया जाता था.
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किया है बदलाव
दरअसल केंद्र सरकार ने जमीन व फ्लैट आदि की रजिस्ट्री को पारदर्शी बनाने के लिए इसमें आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया है. जिसके बाद राज्यों में इसे लागू किया जाना है. मध्यप्रदेश में इसे लागू कर दिया गया है. अब बिहार में 1 जुलाई से पूरे बिहार में लागू किया जाना है. इसको लेकर निबंधन विभाग आदेश जारी किया है. पटना में आधार वेरिफिकेशन के बाद ही रजिस्ट्री व्यवस्था लागू कर दी गई है.
जानिए कैसे होगा काम
हर रजिस्ट्री कार्यालय में एक डिजिटल सॉफ्टवेयर मशीन लगेगी. जिसमें क्रेता और विक्रेता दोनों का फिंगर प्रिंट और आंख से आधार का वेरिफिकेशन किया जाएगा. वेरिफिकेशन के बाद यह डिजीटल रूप से आधार से लिंक्ड हो जाएगा. इसके बाद ही जमीन या फ्लेट रजिस्ट्री हो पाएगी. जिला सब रजिस्ट्रार तारकेश्वर पांडेय ने बताया कि 1 जुलाई से जमीन, मकान आदि के रजिस्ट्री में क्रेता और विक्रेता दोनों का आधार वेरिफिकेशन आवश्यक होगा. इसके बाद ही निबंधन हो सकेगा. इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और इसे गुप्त रखना संभव नहीं होगा.
.
Tags: Bihar Government, Local18, Property
FIRST PUBLISHED : June 11, 2023, 12:51 IST






