मोर पंख रेस्ट हाउस से था देश के दो पूर्व प्रधानमंत्रियों का रहा गहरा नाता, जानिए नामकरण की दिलचस्प वजह

कासिम खान /नूंह. यूं तो हरियाणा में कई सरकारी रेस्ट हाउस हैं. पर नूंह जिले का तावडू के मोर पंख रेस्ट हाउस की बात ही कुछ और है. यह रेस्ट हाउस कुदरत की गोद में बना है. हर तरफ हरे-भरे पेड़ इन पेड़ों की घनी छांव में कई तरह के पक्षी और हां ख़ासतौर पर मोर. यहां बड़ी तादाद में मोर रहते हैं. तपती गर्मी में मोर छायादार पेड़ों के नीचे आज भी दिनभर अठखेलियां करते हुए देखे सकते हैं. मोर पंख रेस्ट हाउस तकरीबन 7-8 एकड़ भूमि में फैला हुआ है जो अपने अंदर इतिहास की कई यादें और किस्से समेटे हुए है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले यहां काफी अधिक संख्या में मोर पाए जाते थे. मोरों की संख्या अधिक होने के चलते इस जगह पर काफी ज्यादा मोर पंख मिलते थे. जिसके चलते इस जगह का नाम मोर पंख कैनाल रेस्ट हाउस रखा गया था.

मोरारजी देसाई को किया गया था नजरबंद
कहते हैं कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई को आपातकाल के दौरान सन 1975 में इसी रेस्ट हाउस के प्रागंण में 19 महीने तक नजरबंद करके रखा गया था. बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने कई बार पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी को भी आपातकाल के दौरान मोरारजी देसाई से मुलाकात करने के लिए कई बार आते-जाते हुए देखा था. सबसे ख़ास बात ये है कि जब आपातकाल के बाद देश में मोरारजी देसाई को प्रधानमंत्री बनने का सौभाग्य मिला तो उन्होंने इसी स्थान पर 3 अक्टूबर 1977 को मोर पंख रेस्ट हाउस का निर्माण कराया.

बदहाल हुआ रेस्ट हाउस, जल्द होगा कायापलट
वर्तमान में इस रेस्ट हाउस की देखरेख का जिम्मा सिंचाई विभाग के पास है. 7-8 एकड़ में फैले इस रेस्ट हाउस की देखरेख के लिए महज़ एक चौकीदार नियुक्त किया गया है.देखरेख के नाम पर खानापूर्ति के अलावा कुछ नहीं किया जा रहा. जिसके चलते ये ऐतिहासिक रेस्ट हाउस अपनी सुंदरता और अहमियत खोता जा रहा है. मोर पंख रेस्ट हाउस की दयनीय स्थिति को देखते हुए सरकार ने अब इसकी कायापलट करने का दावा किया है. विधायक संजय सिंह ने मोर पंख रेस्ट हाउस में जनता दरबार लगाकर जनता को भरोसा दिलाया कि इस रेस्ट हाउस के इतिहास को देखते हुए इसकी मरमम्त पर तकरीबन 16 लाख रूपये की राशि खर्च किया जाएगा .कुल मिलाकर देखा जाए तो दयनीय हाल में पहुंच चुके मोरपंख रेस्ट हाउस की सूरत शायद अब बदलने जा रही है.

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FIRST PUBLISHED : June 11, 2023, 13:25 IST

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Author: Jagran Times

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