नवाचार की दुनिया में IIT कानपुर ने गाड़े झंडे, इन 5 इनोवेशन ने संस्थान को बनाया भारत में बेस्ट

अखंड प्रताप सिंह/कानपुर. देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शुमार आईआईटी कानपुर को इनोवेशन के मामले में देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है. एनआईआरएफ के द्वारा जारी की गई रैंकिंग में आईआईटी कानपुर इनोवेशन के मामले में देश में सर्वोत्तम संस्थान बन कर उभरा है. आईआईटी कानपुर के पांच ऐसे इनोवेशन जिसने उसे देश में सबसे टॉप तकनीकी शिक्षण संस्थानों की सूची में टॉप पर पहुंचाया है. जानते हैं कौन हैं यह पांच नवाचार और इनका किस क्षेत्र से संबंध है.

कोरोनावायरस के समय में आईआईटी कानपुर ने बेहद कम समय में मेडिकल क्षेत्र में कई ऐसी चीजें बनाईं जिसका देश ही नहीं, बल्कि दुनिया ने भी लोहा माना. इसमें एक था स्वासा मास्क. आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप ई-स्पिन नैनोटेक प्राइवेट लिमिटेड के डॉ. संदीप पाटिल ने इस मास्क को विकसित किया था. यह नैनोफाइबर पर आधारित एन 95 मास्क है. यह बैक्टीरिया व वायरस से लोगों को बचाता है. इसके अलावा, आईआईटी कानपुर ने बहुत कम समय में वेंटिलेटर भी तैयार किया था जिसका कोरोनावायरस के समय पूरे देश और दुनिया में भारी डिमांड थी. यह वेंटिलेटर कम कीमत के साथ अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस थे. कोविड-19 के दौरान सिर्फ 90 दिन के अंदर यह वेंटिलेटर तैयार किये गये थे.

‘इनोवेशन’ कैटेगिरी में मिला है टॉप रैंक

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आईआईटी कानपुर ने 12 परीक्षक विकसित किया है जिसकी मदद से सिर्फ 90 सेकंड में मिट्टी के स्वास्थ्य की जांच की जा सकती है. यह भी इसके सर्वश्रेष्ठ इनोवेशन की सूची में शामिल है. आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक व प्रोफेसर जयन धरण ने आनुवांशिक नेत्र रोगों को दूर करने के लिए जीन थेरेपी विकसित की है जिसकी मदद से आंखों के रोगों को ठीक किया जा सकेगा.

इसके साथ ही, आईआईटी कानपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रोफेसर मनिन्द्र अग्रवाल की देख-रेख में टीम ने ब्लॉक चेन तकनीक विकसित की है. इसके जरिए जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखे जा सकेंगे.

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