‘सिर्फ एक बंदा…’ ही नहीं, दमदार हैं ये 5 कोर्टरूम ड्रामा फिल्में, आखिरी तक देखे बिना नहीं करेगा उठने का मन

Courtroom Drama Films: मनोज बाजपेयी की ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ को खूब पसंद किया जा रहा है. ये एक कोर्टरूम ड्रामा मूवी है, जिसमें मनोज बाजपेयी ने लॉयर का रोल निभाया है. इससे पहले भी कई कोर्टरूम ड्रामा फिल्में रिलीज हो चुकी हैं, जिन्हें अगर आप देखना शुरू करेंगे, तो खत्म करने के बाद ही उठ पाएंगे.

01

नई दिल्ली. पिछले कुछ सालों में एक से एक कोर्टरूम ड्रामा फिल्में रिलीज हुईं हैं, जिन्हें दर्शकों से भरपूर प्यार मिला. इस लिस्ट में अमिताभ बच्चन की ‘पिंक’ से लेकर सूर्या की ‘जय भीम’ तक शामिल हैं.

02

मुल्क: इस फिल्म की कहानी एक मुस्लिम फैमिली पर आधारित है, जिसका एक युवा सदस्य आतंकवाद के रास्ते पर निकल पड़ता है. मुल्क फिल्म में ऋषि कपूर, तापसी पन्नू और आशुतोष राणा जैसे सितारो ने शानदार काम किया था. (फोटो साभार: IMDB)

03

पिंक: साल 2016 में रिलीज हुई फिल्म पिंक काफी चर्चा में रही. इसमें अमिताभ बच्चन ने सीनियर लॉयर दीपक सहगल की भूमिका निभाई थी, जो कुछ लड़कों के खिलाफ लड़कियों का केस लड़ता है. (फोटो साभार: IMDB)

04

जॉली एलएलबी: इस फिल्म में दिखाया गया कि एक अमीर घर का लड़का नशे में धुत होकर सड़क किनारे सो रहे कुछ लोगों पर अपनी गाड़ी चढ़ा देता है, जिससे मौके पर सबकी मौत हो जाती है. सिर्फ एक शख्स बच जाता है. इसके बाद अरशद वारसी जान गंवा चुके लोगों को कोर्ट के सामने न्याय दिलाता है. (फोटो साभार: IMDB)

05

जय भीम: साल 2021 में रिलीज हुई इस फिल्म में सूर्या ने लीड रोल निभाया था. वह कोर्ट में एक गरीब तबके के शख्स को न्याय दिलाते हैं, जिस पर चोरी करने का झूठा इल्जाम लगाया जाता है. ये फिल्म बड़ी हिट साबित हुई थी. फोटो साभार: (Twitter@ @Suriya_offl)

06

सेक्शन 375: इस फिल्म में अक्षय खन्ना और ऋचा चड्ढा ने लीड भूमिका निभाई थी. साल 2019 में रिलीज हुई इस मूवी में दिखाया गया कि एक जूनियर कॉस्ट्यूम असिस्टेंट फिल्म डायरेक्टर पर दुष्कर्म का आरोप लगाती है. इसके बाद कहानी में एक ऐसा मोड़ आता है, जो दर्शकों को चौंका देता है. (फोटो साभार: IMDB)

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More

उत्तर प्रदेश के बांदा निवासी 9 वर्षीय पुत्र ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया 2 मिनट में 200 देश के झंडे पहचान कर बताने वाला पार्थ झा नमक बच्चों ने इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है माता-पिता वर्तमान में मुंबई में रहते हैं डॉक्टर जे विक्रम चाइल्ड स्पेशलिस्ट चाइल्ड केयर नर्सिंग होम के मालिक मामा है मामा जी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि उनका भांजा पार्थ झा ने 2 मिनट में 200 देश के फ्लैग पहचान कर बताने में महारत हासिल की है महाराष्ट्र राज्य में स्थित संस्था ने गोल्ड मेडल और एक प्रमाण पत्र दिया है इस वक्त उसका नाम इंटरनेशनल बुक ऑफ़ रिकार्ड्स मैं दर्ज किया गया है भांजा और बहन पार्थझा मां जयश्री पिता अशोक झा बांदा के रहने वाले हैं हालांकि इसमें कोई शक नहीं है इतनी कम उम्र में 200 देश के झंडों का पहचान करना यह एक चमत्कार ही है दिमाग इस बच्चे का कंप्यूटर की तरह कार्य कर रहा है बांदा का लाल मुंबई में रहकर नाम पैदा कर रहा है सिर्फ बांदा भर का नहीं पूरे विश्व में भारत का नाम ऊंचा किया