
कैलाश कुमार / बोकारो. झमाझम बारिश में और गरमा-गरम कोयले के चूल्हे पर भुना हुआ भुट्टा हर किसी को बेहद पसंद है. ऐसे में बोकारो के चास जोधाडीह मोड़ के बाजार के सामने शिवकुमार गुप्ता अपने ठेले पर मकई की बिक्री करते हैं. इनके ठेले पर खास आपको बड़े दाने वाले शंकर मकई की वैरायटी देखने को मिलेगी. इसके अलावा यह स्वीट कॉर्न और आलू की भी बिक्री करते हैं.
बरसात में बढ़ जाती है मांग
शिव गुप्ता ने बताया कि उनके ठेले पर 20 रुपए किलो की दर से मक्का की बिक्री होती है. साथ ही यहां ग्राहक 30 रुपए प्रति किलो के दर से स्वीट कॉर्न और 20 रुपए प्रति किलो की दर से आलू की खरीदारी कर सकते हैं. उन्होेंने ने बताया कि यह सारे मकई बोकारो के पेटरवार से आते हैं. मकई की खेती आमतौर पर फरवरी-मार्च और जून-जुलाई के महीने में की जाती है. वहीं बारिश और मानसून के दौरान मकई की मांग बहुत अधिक होती है. उनकी दुकान पर रोजाना 20 से 80 किलो मकई की बिक्री होती हैं. फिलहाल गर्मी होने के कारण बाजार में मकई की बिक्री थोड़ी कम है. जैसे-जैसे बरसात का मौसम का आगमन होगा वैसे ही मकई की खरीदारी में भी तेजी आएगी.
मकई में होते है पौष्टिक गुण
वहीं भुट्टे की खरीदारी करने आई बेबी जान ने बताया कि पहले मकई का स्वाद लेने के लिए मानसून का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन बाजार में मकई मिलने से अब परिवार के साथ इसके स्वाद का आनंद ले सकते हैं.
बोकारो के ग्रामीण इलाकों में आज भी मकई से खूब स्वादिष्ट व्यंजन और पकवान तैयार किए जाते हैं. जैसे रोटी और मकई की लापसी (हलवा) भी तैयार किया जाता है. इससे तैयार पकवान सेहत के लिए भी काफी लाभकारी माने जाते हैं. मकई के अंदर पौष्टिक गुणों की भरमार होती है जो हमारे शरीर को फायदा पहुंचाती है.
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FIRST PUBLISHED : June 11, 2023, 16:03 IST






