
अनंत कुमार/गुमला. गुमला जिला में मानव तस्करी रोकने के लिए अहतू क्लब की स्थापना की गई है. अहतू क्लब मानव तस्करी को रोकने के लिए काम करता है. गुमला जिला आदिवासी बहुल इलाका एवं उधोग विहीन जिला की श्रेणी में आता है. पलायन यहां की गंभीर समस्याओं में से एक हैं. यहां बड़ा उद्योग धंधा, रेलवे लाइन नहीं है. जिस कारण यहां के लोग काफी संख्या में दूसरे राज्य रोजगार के लिए पलायन करते हैं. जो मानव तस्करी के शिकार होते है. इसी कड़ी में एसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब की पहल से गुमला में अहतू क्लब चलाया जा रहा है. अहतू क्लब स्थापना करने वाला गुमला झारखंड का पहला जिला है.
अहतू क्लब के द्वारा दिल्ली, गोवा, असम इत्यादि जगहों से कई लड़कियों को मुक्त कराकर गुमला लाया गया है. वहीं दर्जनों बच्चों को मानव तस्करी का शिकार होने से इस क्लब द्वारा बचाया गया है एवं नाबालिग बच्चों एवं बच्चियों को तस्करी से बचाया भी जा रहा है. यह क्लब गुमला थाना के एक कमरे में संचालित किया जा रहा है. अहतू क्लब के द्वारा लोगों को मानव तस्करी के विरुद्ध अभियान, वाद-विवाद कार्यक्रम इत्यादि चला कर जागरूक किया जा रहा है एवं पीड़िताओं का रेस्क्यू किया जाता है.
मानव तस्करों के खिलाफ जानकारी जुटाने में हो रही थी समस्या
मानव तस्करों के खिलाफ जानकारी जुटाने में हो रही समस्या के लिए अहतू क्लब का निर्माण किया गया. एक पुलिस पदाधिकारी को अहतू क्लब का प्रभारी बनाया गया है. साथ ही इसमें स्वयं सेवी संगठन, शिक्षक, स्कूलों के छात्र-छात्राएं, सीडब्लयूसी के सदस्य, चिकित्सक इत्यादि भी शामिल हैं.
अहतू क्लब के माध्यम से लोगों को किया जा रहा जागरूक
एसडीपीओ मनीष चंद्र लाल ने बताया कि गुमला एसपी के पहल से हमारे जिला में अहतू क्लब का स्थापना की गई है. यहां के भोले भाले बच्चों को बहला फुसलाकर बाहर ले जा कर देह व्यापार, नौकर इत्यादि का काम लिया जाता था. जिससे बच्चों का भविष्य खराब होता था. उसके रोकथाम के लिए है. अहतू क्लब की स्थापना की गई. इसमें पुलिस पदाधिकारी, शिक्षक, छात्र छात्राएं, समाजसेवी, सीडब्ल्यूसी के सदस्य इत्यादि जुड़े हुए हैं. यह सभी सुदूर गांव जाकर लोगों को जागरूक करते हैं.
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FIRST PUBLISHED : May 28, 2023, 22:10 IST









