
नरेश पारीक/ चूरू.आज के युग में जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने के नाम पर कोचिंग संस्थानों द्वारा अच्छी, खासी फीस वसूली जा रही है तो चूरू में एक शिक्षक ऐसा भी है जो ग्रीष्मवकाश में भी बच्चों को पढा रहे हैं और वो भी बिल्कुल निःशुल्क.जी हां राजकीय विधि महाविद्यालय में छुट्टियों में भी क्लॉस लग रही है और विधि के छात्र-छात्राओं को एग्जाम की और प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी करवाई जा रही है और उसी का परिणाम है कि चूरू के राजकीय विधि महाविद्यालय का हर बार परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहता है.
विधि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर श्रवण कुमार सैनी का कहना है कि ग्रीष्मवकाश होने के कारण विद्यार्थी अपने अध्ययन कार्य से दूर होते चले जाते हैं. विद्यार्थियों की पढ़ाई निरंतर जारी रहे इसलिए नवाचार के तौर पर इन क्लॉसेज का आयोजन किया जा रहा है. सैनी ने कहा कि जल्द ही राजस्थान न्यायिक सेवाओं की और कनिष्ठ विधि अधिकारियों की वैकेंसी आने वाली है ऐसे में विद्यार्थियों को कोचिंग संस्थानों में भटकना ना पड़े और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को पैसे ना खर्च करना पड़े. इसलिए एग्जाम की तैयारी के साथ-साथ विधि के इन विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी करवाई जा रही है और साथ ही मोटिवेशनल रूप से भी विद्यार्थियों को एनकरेज किया जा रहा है.
विद्यार्थी को ये फायदा
निःशुल्क क्लॉसेज के विद्यार्थियों को अनेकों फायदे हैं. छात्रों ने बताया कि अवकाश के दौरान प्राचार्य द्वारा दिए जा रहे परामर्श का ये लाभ है कि उन्हें जिन विषयो, टॉपिक में परेशानी महसूस होती है वह उन समस्याओं को क्लॉसेज में लेकर आते हैं और हल करवाते हैं जिसके कारण उनकी पढ़ाई निरंतर सुचारू रूप से चल रही है. छात्रों ने बताया कि प्राचार्य द्वारा दिए जा रहे निःशुल्क परामर्श के कारण उन्हें बाहर किसी कोचिंग की आवश्यकता नहीं पड़ती है.
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FIRST PUBLISHED : May 28, 2023, 21:08 IST









