
रवि पायक/ भीलवाड़ा. जेष्ठ माह में गर्मी शुरू हो जाती है अभी वर्तमान समय की बात की जाए तो कभी बारिश और कभी गर्मी का दौर चल रहा है. तापमान में भी उतार-चढ़ाव लगातार जारी है. मगर इसका असर भगवान के श्रृंगार पर भी हुआ है. भीलवाड़ा जिले के दो बड़े प्राचीन मंदिरों में भगवान का मनमोहक श्रृंगार देखने को मिला.
आपके शहर से (भीलवाड़ा)
भीलवाड़ा शहर के सर्राफा बाजार में स्थित बड़ा मंदिर में भगवान श्री चारभुजा नाथ को मोगरे के फूल का श्रृंगार किया गया. जिसमें भगवान को पूरी तरह से मोगरे के फूलों से सजा दिया. यही नहीं इस दौरान भगवान को विशेष रूप से गर्मी के मौसम में खिलाए जाने वाले व्यंजन का भोग भी लगाया गया
वहीं दूसरी तरफ पूरे मेवाड़ के आराध्य देव कहे जाने वाले कोटडी कस्बे में भगवान श्री चारभुजा नाथ के दरबार में 31 मई को निर्जला एकादशी पर वृंदावन की तर्ज पर नौका विहार किया जाएगा. इस दौरान मंदिर परिसर में अस्थाई कृत्रिम झील बनाई जाएगी. इसमें ठाकुरजी नौका विहार करेंगे.
भीलवाड़ा शहर के प्राचीन श्री चारभुजा नाथ बड़ा मंदिर के पुजारी अजय पाराशर ने कहा कि वर्तमान समय में जेष्ठ माह के साथ ही भगवान के श्रृंगार और भोग प्रसाद में परिवर्तन किया जाता है. इस दौरान गर्मी में ठंडक महसूस करवाने के लिए भगवान को विभिन्न तरह के श्रृंगार किए जाते हैं और गर्मी में ठंडक पहुंचाने वाले व्यंजन भी भगवान को भोग के रूप में चढ़ाया जाता है. इसको लेकर हमने भगवान श्री चारभुजा नाथ भगवान के मोगरे के फूल का श्रृंगार किया है जिससे भगवान को खुशबू के साथ ठंडक भी महसूस हो.
भगवान के चढ़ रहा हैयह प्रसाद
गर्मी के सीजन को देखते हुए भगवान के लिए ठंडे-ठंडे खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल किया जा रहा है जिसमें शरबत और श्रीखंड, खरबूज , तरबूज ,आम ककड़ी का भोग ठाकुर जी के लगाया जा रहा है.
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FIRST PUBLISHED : May 28, 2023, 18:50 IST









