
पुनीत माथुर/ जोधपुर. 70 करोड़ की लागत से जोधपुर स्थित भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के राष्ट्रीय सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को स्थापित किया गया है. इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में स्पेशलाइज्ड फुट वियर डिजाइन किए जाएंगे. इसके अंतर्गत फिजिकली चैलेंज लोगों के लिए विशेष तरह के फुटवियर और सोल डिजाइन किया जा सकेगा. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में 3D प्रिंटर 3D स्कैनर इत्यादि सोल डिजाइनर जैसी कई आधुनिक टेस्टिंग मशीन लगाई गई है और लैबोरेट्री स्थापित की गई है.
इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में तीन तरह की मशीनें स्थापित की गई है. जिसमें स्पेशलाइज फुट वियर बनाने की साथ ही सेफ्टी फुटवियर बनाने और शु-मटेरियल की जांच करने की मशीन लगाई गई है. गौरतलब है कि भारत सरकार द्वारा देश में स्थित राष्ट्रीय फुटवियर एंड डेवलपमेंट डिजाइन इंस्टीट्यूट में हर एक इंस्टिट्यूट को विशेष तरह का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस दिया गया है. जिसमें जोधपुर में स्पेशलाइज्ड फुटवियर का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया.
मरीजों को मिलेगी राहत
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में स्पेशलाइज फुटवियर यानी जो लोग पैरों से हैंडीकैप है या किसी दुर्घटना की वजह से पैर में चोट लग जाना कोई विशेष तरह की बीमारी कारण चल नहीं पा रहे चलने में दिक्कत आने वाले लोगों के लिए विशेष तरह के फुटवियर डिजाइन किए जा सकेंगे. जिससे मरीजों को चलने में आ रही दिक्कत से निजात मिलेगी और वह अपनी सामान्य जिंदगी जी सकेंगे. इसके लिए एफडीडीआई जोधपुर स्थित ऐम्स और सरकारी अस्पतालों के साथ एमओयू की तैयारी चल रही है.
इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से ऐसे स्पेशल शूज भी बनाए जा सकेंगे जो सेफ्टी के उपयोग में लाए जा सकेंगे. बॉर्डर पर जवानों द्वारा रेगिस्तान में गर्मियों के मौसम में ड्यूटी दी जाती है. ऐसे में टेंपरेचर 50 से भी कई ऊपर चला जाता है. इसके लिए हिट ऑब्जर्व करने और पैरों को बचाने के लिए विशेष तरह के मटेरियल के साथ जूते डिजाइन किए जाते हैं. जिससे गर्म रेगिस्तान में भी जवानों को ड्यूटी करने में परेशानी ना हो साथ ही जम्मू कश्मीर जैसे ठंडे प्रदेशों में तैनात जवानों के लिए भी विशेष तरह के जूते बनवाए जा सकते हैं.
डिस्ट्रिक्ट को होगा फायदा
पूरे राजस्थान में यह पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस है जहां पर जूतों की टेस्टिंग भी की जा सकेगी, और स्टेशन के बाद जूते जिस तरह आई एस आई मार्क के बाद में कोई भी प्रोडक्ट की विश्वसनीयता बन जाती है पूरी तरह एफडीडीआई की मार्क लगने के बाद में जूते सही है उसकी विश्वसनीयता बन जाएगी. इससे पहले राजस्थान में जूते बनाने वाले पिक्चरों को अपने जूतों की टेस्टिंग करवाने के लिए इन्हें मुंबई और दिल्ली भेजना पड़ता था इसी कारण उनकी पोस्ट में अत्यधिक इजाफा होता था अब इसके बाद वह अपने फुटवियर को इसी लैब में टेस्ट करवा पाएंगे.
राष्ट्रीय संस्थान में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी होगा फायदा
IIT, एनएलयू और निफ्ट जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं जैसे ही फुटवियर के लिए बना यह राष्ट्रीय इंस्टीट्यूट मैं पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी इसमें ट्रेनिंग का अवसर मिलेगा जिससे वह इन्हें सीख सकेंगे और एक उज्जवल भविष्य बना सकेंगे.
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FIRST PUBLISHED : May 28, 2023, 18:37 IST









