
आदित्य कृष्ण, अमेठी. इसे विभाग की लापरवाही कहें या जिम्मेदारों की उदासीनता लेकिन बात सोलह आने सच है. वीवीआइपी जिला कहा जाना वाला अमेठी आज भी कई सुविधाओं से अछूता है. सरकार ने एक तरफ जहां स्टेशन को हाईटेक बनाने की पहल शुरू की इस पहल में स्टेशन तो हाईटेक हो गए. लेकिन कई स्टेशन ऐसे भी हैं जहां पर यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है. इसका कारण है कि कई ट्रेनें स्टेशनों पर रूकती ही नहीं. कई प्रमुख मार्गों की ट्रेन स्टेशनों पर ना रुकने से यात्रियों को दूर स्टेशन जाकर अपनी यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ता है. ऐसे में उनके समय और पैसे ज्यादा खर्च होते हैं.
अमेठी जनपद में गौरीगंज जिला मुख्यालय के साथ बनी रेलवे स्टेशन इसके साथ ही जायस रेलवे स्टेशन शामिल है. जहां पर कई ट्रेनों का ठहराव नहीं होता है. इसके अलावा वाराणसी लखनऊ रेल मार्ग पर सहजीपुर हाल्ट के अलावा ताला, खजूरी स्टेशन भी ऐसा है. जहां पर लगभग 10 जोड़ी ऐसी ट्रेनें हैं, जिनका ठहराव नहीं होता है. ट्रेनों की बात करें तो मुंबई जाने वाले उद्योग नगरी भोपाल एक्सप्रेस, वैष्णो देवी का सफर कराने वाली अर्चना एक्सप्रेस, दिल्ली को जाने वाली गरीब रथ के साथ यशवंतपुर शहर को जाने वाली यशवंतपुर लखनऊ एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव गौरीगंज, ताला, जायस, बनी और सहजीपुर हाल्ट स्टेशन पर नहीं होता है.
ट्रेन स्टेशन पर नहीं रुकती
यात्री वेद प्रकाश ने बताया कि ट्रेनों के ना रुकने से बहुत ही बड़ी समस्या है. हमें दिल्ली का सफर करना पड़ता है तो ट्रेन ही स्टेशन पर नहीं रुकती. इसके लिए हमें या तो प्रतापगढ़ जाना पड़ता है या तो फिर अमेठी जाना पड़ता है. अब हमारा घर गौरीगंज से पास है, अगर ट्रेन गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर रुकने लगे तो उससे फायदा हो जाए. कई अन्य ट्रेनें हैं जो यहां नहीं रुकती उन सब को भी यहां रुकना चाहिए.
लोगों को होती है परेशानी
एक स्थानीय निवासी शिव कुमार पांडे ने बताया कि गौरीगंजके रेलवे स्टेशन पर लगभग 10 जोड़ी ट्रेन ऐसी है जो नहीं रुकती. इसके अलावा जो ट्रेनें रूकती हैं उनको बंद कर दिया गया है. ऐसे में बड़े स्टेशनों के साथ-साथ छोटे स्टेशनों पर जाने के लिए लोगों को समस्या का सामना करना पड़ता है. कई बार इसकी शिकायत की गई धरना प्रदर्शन किया गया लेकिन शिकायत का समाधान नहीं हुआ, सभी ट्रेनों को यहां रुकना चाहिए. इसके साथ ही यात्रियों की समस्या को भी रेलवे विभाग को ध्यान देना चाहिए.
जिम्मेदारों ने किया किनारा
वहीं जब इस पूरे मामले पर स्टेशन मास्टर से बातचीत की गई तो उन्होंने इसे शासन का हवाला बताया और कैमरे पर बोलने से इनकार कर दिया. उनका कहना है कि शासन स्तर से पत्राचार किया गया है. जैसे ही कोई आदेश आएगा उसका अनुपालन कराया जाएगा.
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FIRST PUBLISHED : May 28, 2023, 17:43 IST









