
पुनीत माथुर/जोधपुर. साइबर ठग पूरी दुनिया के लिए सिरदर्द बन चुके हैं. थोड़ी सी चूक होते ही आपके अकाउंट को यह साइबर ठग साफ कर देते हैं. इन साइबर अपराधियों से कैसे बचा जाए और कैसे अपनी मेहनत की कमाई को बचाया जाए, इस पर न्यूज़ 18 लोकल ने साइबर एक्सपर्ट प्रिया सांखला से बात की. जोधपुर में रहने वाली प्रिया सांखला ने BE.LLB तक पढ़ाई कर रखी है. फिलहाल वो कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही है. प्रिया साइबर ठगी के शिकार लोगों की मदद करती है. साथ ही, वर्ष 2018 से वो सेंट्रल डिटेक्टिव ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट में गेस्ट फैकेल्टी के रूप में पुलिस के जवानों को प्रशिक्षित भी कर रही हैं.
प्रिया सांखला बताती हैं कि बस थोड़ी सी सावधानी से आप साइबर ठगी से बच सकते हैं. इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात है कि सोशल मीडिया पर आप अपने निजी और ऑफिशियल जानकारी किसी से साझा नहीं करें. जैसे अगर आप कहीं घूमने गए हैं या किसी होटल और रेस्टोरेंट में आपने खाना खाया है या खरीदारी की है तो उसे सोशल मीडिया पर साझा नहीं करें. साइबर ठग इसका फायदा उठा कर आपको ठगी का शिकार बना सकते हैं.
प्रिया के मुताबिक अगर आपको किसी कंपनी का कस्टमर केयर या हेल्पलाइन नंबर ढूंढना हैं तो उसे गूगल पर नहीं खोजें, बल्कि उस संस्थान की वेबसाइट पर जाएं और फिर कस्टमर केयर का नंबर सर्च करें. वो बताती हैं कि कभी भी सर्विस प्रोवाइडर, बैंक और यूपीआई किसी कस्टमर को कॉल नहीं करते. इसलिए इनके नाम से आने वाले फोन कॉल पर विश्वास नहीं करें. अगर आपको शंका हो तो बैंक जाकर बात करें.
प्रिया सांखला बताती हैं कि क्यूआर कोड पेमेंट देने के लिए होता है, रिसीव करने के लिए क्यूआर कोड नहीं होता. साइबर ठग आपको क्यूआर कोड भेज कर ठगी का शिकार बनाते हैं. इसलिए यह सावधानी रखना जरूरी है कि अनजान व्यक्ति के द्वारा भेजे गये क्यूआर कोड को स्कैन नहीं करें. किसी के कहने पर ओटीपी नहीं बताएं. यदि आपके पास बैंकिंग या फाइनेंस से जुड़ा कोई मैसेज आता है तो उसे बहुत ध्यान से पढ़ें. इन छोटे-छोटे उपायों को कर और सावधानी बरत कर आप साइबर ठगी के मकड़जाल से बच सकते हैं.
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FIRST PUBLISHED : May 17, 2023, 08:29 IST









