कौशांबी। चायल तहसील के चायल ख़ास में सोमवार को इमाम हुसैन (अ.स.) और शोहदा-ए-कर्बला की याद में पारंपरिक जुलूस-ए-चेहलम अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। कई सौ वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा में बड़ी संख्या में अज़ादार शामिल हुए और करबला के शहीदों को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया।
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 2 अगस्त की रात इमाम चौक पर ताज़िया रखा गया। इसके बाद सोमवार सुबह जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से होकर गुज़रा। जुलूस की निज़ामत शफ़क़त अब्बास पाशा ने की।
जुलूस में अंजुमन हाशिमिया (इलाहाबाद), अंजुमन नक़विया (इलाहाबाद), अंजुमन गुलज़ार-ए-क़ासिमिया (इलाहाबाद) और अंजुमन मोहम्मदी (मनौरी) के मातमी दस्तों ने नौहाख़्वानी और मातम किया।
इस अवसर पर फ़ैज़ी नक़वी ने शोहदा-ए-कर्बला की कुर्बानियों पर प्रकाश डाला, जबकि अनुराग भूषण ने दोआबा के क्रांतिकारियों और इमाम हुसैन (अ.स.) की शिक्षाओं पर तक़रीर पेश की। बड़ा इमामबाड़ा, 22 गांव दोआबा के सरपरस्त आग़ा मीर सैयद अब्बास हुसैन खोरासानी जुलूस के विशेष अतिथि रहे।
आयोजक अंजुमन दस्ता-ए-अब्बासिया के अध्यक्ष क़मर मेहदी और जनरल सेक्रेटरी नसीमुल हसन नक़वी के नेतृत्व में जुलूस का शांतिपूर्ण समापन हुआ। इस दौरान अली मेहदी, अख़्तर हुसैन, असद मेहदी, ज़हीर नक़वी, शाहनवाज़ अब्बास खोरासानी सहित बड़ी संख्या में अज़ादार मौजूद रहे।
जुलूस के सकुशल और शांतिपूर्ण संपन्न होने पर आयोजकों ने सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया।






