मनौरी गांव स्थित बड़ी मस्जिद में 21वें रमजान को पूरी हुई तरावीह, मौलानाओं ने बयान की फजीलत
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SHABBAR ALI/7007720588
रमजान के तीसरे अशरे में मस्जिदों में चल रही विशेष नमाज तरावीह मुकम्मल होने का सिलसिला शुरु हो गया है। मनौरी गांव स्थित बड़ी मस्जिद में तरावीह का पहला दौर मुकम्मल हो गया। इस दौरान मस्जिद मे नमाजियों ने पेश इमाम हाफिजे कुरआन मौलाना जफर को फूल माला पहनाकर इस्तकबाल करते हुए उन्हें तोहफे आदिदिया। मौलाना ने मुल्क और कौम की भलाई के लिए दुआ कराई।
माहे रमजान के 21वें रोजे को मनौरी गांव स्थित बड़ी मस्जिद में तरावीह में कुरआन मुकम्मल होने पर मौलाना जफर ने तकरीर की। उन्होंने फरमाया कि वह लोग खुशनसीब हैं, जिनको तरावीह में अल्लाह का कलाम सुनने के लिए मिला। यह सदका हमारे नबी का है। जिसकी वजह से अल्लाह का कलाम हमको नसीब होता है। अल्लाह ने फरमाया है कि हमने ही इसको नाजिल किया है, हम ही इसकी हिफाजत करेंगे। कहा कि तरावीह अभी खत्म नहीं हुई है। तरावीह में कलाम पाक सुनना अलग सुन्नत है और पूरे माह तरावीह सुनना अलग सुन्नत है। हर मुसलमान को रोजा रखना चाहिए और अल्लाह की इबादत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर मुसलमान को रोजा रखना चाहिए और अल्लाह की इबादत करनी चाहिए। ज्यादा से ज्यादा वक्त अल्लाह की इबादत में गुजारे। झूठ, फरेब, चुगलखोरी और दूसरी तमाम बुराइयों से परहेज करें। बताया कि हदीस में है कि जो शख्स रोजे की हालत में झूठ बोलने और गलत काम करने से परहेज न करे। तरावीह में कुरान ए पाक मुकम्मल होने पर तरावीह पढ़ा रहे पेश इमाम मौलाना जफर को मस्जिद के प्रबंधक तौफीक अहमद समेत सभी रोजेदारों ने मुबारकबाद दी। इस मौके पर साबिर अली, एहसान बाबू, अली अब्बास, अजमत अली, शब्बर अली, नासिर अली, बड़का, मो.कैफ, सिद्दन, अंसार अहमद, आजाद अली, वसी अहमद, निसार अहमद, मोहम्मद जाहिद, मो.शाहिद, शेखू और मो.फरमान आदि रोजेदार मौजूद रहे।







