कौशांबी
चायल के पूर्व बसपा विधायक आसिफ जाफरी को सोमवार दोपहर गांव स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनके जनाजे में जनसैलाब उमड़ पड़ा। सभी दलों के नेता शरीक हुए। चेन्नई सेरविवार देर रात पूर्व विधायक का शव उनके घर प्रयागराज पहुंचा था। उनको खिराज-ए-अकीदत पेश करने वालों का तांता लगा रहा। सोमवार दोपहर उनके पैतृक गांव महगांव स्थित कब्रिस्तान में दफन किया गया।
महगांव निवासी आसिफ जाफरी (52) चार्टड एकाउंटेंट थे। वह प्रयागराज के नामचीन सीए के तौर पर जाने जाते थे। राजनीति से भी उनका जुड़ाव था। वर्ष 2012 में विधानसभा चुनाव से पहले वह बसपा में शामिल हुए। इसके बाद उनको चायल विधानसभा क्षेत्र से बसपा ने टिकट दिया। आसिफ जाफरी चुनाव जीते। सीए व बड़े कारोबारी होने के बावजूद वह विधायक बनने के बाद क्षेत्र में पूरी तरह से सक्रिय रहे। वर्ष 2017 में भी बसपा ने उन्हें चायल से चुनाव लड़ाया था, लेकिन वह भाजपा प्रत्याशी संजय गुप्ता से चुनाव हार गए थे। इस चुनाव के बाद अचानक पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज सपा में शामिल हो गए थे। उनके साथ आसिफ जाफरी भी सपा में शामिल हो गए थे। आसिफ जाफरी काफी दिनों से बीमार थे, लेकिन हाल में उनकी अचानक तबीयत ज्यादा खराब हुई। चेन्नई के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे। इसी बीच पूर्व विधायक ने रविवार सुबह अस्पताल में दम तोड़ दिया। पूर्व विधायक के निधन की खबर सोशल मीडिया पर छाई तो उनके समर्थक व उनके करीबियों में शोक की लहर दौड़ गई। चेन्नई से चार्टर प्लेन से उनका शव वाराणसी पहुंचा। वहां से समर्थक और परिजन देर रात शव लेकर प्रयागराज स्थित आवास पहुंचे। सोमवार सुबह उनके शव को पैतृक गांव चायल के महगांव ले जाया गया। दोपहर ने उनके शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। जनाजे में सभी दल के लोग शामिल हुए।






