कौशाम्बी-दारानगर में निकाला गया चेहल्लुम का जुलूस

*दारानगर में निकाला गया चेहल्लुम का जुलूस….*

*रहे जो अगले बरस तो हम है और ये गम फिर है*,
*जो चल बसे तो ये अपना सलामे आखिर है*

कौशांबी  नगर पंचायत दारानगर कड़ाधाम में शहीदे आजम हजरत इमाम हुसैन (अ0स0) की याद में अंजुमन असदिया के जेरे सरपरस्ती में एक जुलूस निकाला गया है जिसकी मजलिस आली जनाब मौलाना साकिब हुसैन साहब दारानगरी ने खेताब फरमाई जिसमें अलम व दुलदुल की शबीह बरामद हुई और तमाम अजादारो ने खुलूस के साथ खेराजे अकीद्त पेश किया जुलूस अपने कदीमी रास्ते से होता हुआ दारानगर बाजार पहुंचा जहां पर हिंदू मुस्लिम एकता दिखाई दी जहां अंजुमन असदिया के सदर असद सगीर ने इमाम हुसैन की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया की इमाम हुसैन की कुर्बानी का नतीजा है की आज छोटा सा छोटा इंसान भी बड़े से बड़े जुल्म के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर देता है और कहा अगर इमाम हुसैन करबला में अपनी और अपने साथियों की कुर्बानी न पेश की होती तो इस दुनिया से दीने इस्लाम मिट गया होता परंतु इमाम हुसैन ने कुर्बानी पेश करके इस्लाम को बचा लिया और आगे कहा की हम लोग जो अजादारी करते है इसकी सबसे बड़ी वजह ये है की करबला मे जब इमाम हुसैन को घेर लिया तो इमाम हुसैन ने हिंदुस्तान को याद किया परंतु उन्हें हिंदुस्तान नही आने दिया उन्हें तीन दिन भूखा प्यासा शहीद कर दिया गया हम उन्हीं को याद करके आज भी नौहा खानी व सीनाजनी करते है और अजाखाना सजाते है । इसके बाद दूर दराज से आई अंजुमनों ने नौहाखानी व सीनाजनी की जिसमे अंजुमने मज़लूमिया हैदरगंज अंढेरा कौशांबी, असगरिया कदीम मंझनपुर कौशांबी, अंजुमन गुलामाने हुसैन अहलेसुन्नत अफजलपुरवारी कौशाम्बी ने शिरकत किया और अपने अपने मखसूस अंदाज में नौहांखानी व सीनाजनी की इसके बाद अंजुमने असदिया दारानगर ने नौहाखानी व जंजीर का मातम किया अंत में जुलूस सैय्यद वाड़ा पहुंचा जहां तमाम अंजुमन ने मिलकर नाैहा पढ़ा जुलूस में निज़ामत के फ़राएज़ जनाब जफर अंढारवी ने अंजाम दिए इस मौके पर साहबे बयाज बाकर अली उर्फ इशरत अली, काजिम आदि लोगो ने नौहा पढ़ा ।

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Comment

Read More